Lok Janshakti Party State Vice President रवि शंकर ‘गणेश’ उपाध्याय: शिक्षा से नौकरी तक के संघर्ष के बाद, लोक जनशक्ति पार्टी के झारखंड राज्य उपाध्यक्ष बने, समाज कल्याण और खेल, समाज सेवा में योगदान के साथ झारखंड में बदलाव लाने के लिए तैयार” आगे पढ़े

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झारखंड के लोक जनशक्ति पार्टी के उपाध्यक्ष

Jamshedpur: रवि शंकर ‘गणेश’ उपाध्याय ने अपने 50 से अधिक वर्षों के जीवन में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य किया है। चाहे वह खेल हो, कॉर्पोरेट क्षेत्र हो या समाज सेवा, उपाध्याय ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वर्तमान में वह लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के झारखंड प्रदेश के उपाध्यक्ष हैं और झारखंड में एक नया इतिहास बनाने के लिए समर्पित हैं।

खेल और क्रिकेट में अनुभव

रवि शंकर उपाध्याय का क्रिकेट से गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने झारखंड और बिहार क्रिकेट संघों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वह झारखंड क्रिकेट संघ के चयन समिति के अध्यक्ष, कोच और प्रबंधक (U-16/19) रहे हैं। इसके अलावा, वह बिहार क्रिकेट संघ के भी चयन समिति के अध्यक्ष रहे हैं। उनके नेतृत्व में, दोनों राज्यों ने क्रिकेट के क्षेत्र में सफलता की नई ऊँचाइयों को छुआ।

राज्य स्तरीय क्रिकेट और खेल प्रबंधन

उपाध्याय ने बिहार रणजी ट्रॉफी टीम और झारखंड रणजी ट्रॉफी टीम के चयनकर्ता के रूप में भी कार्य किया, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर इन टीमों की सफलता में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसके अतिरिक्त, वह राज्य स्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ी भी रहे हैं, और बिहार के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल भी जीत चुके हैं।

कॉर्पोरेट क्षेत्र में सफलता

रवि शंकर उपाध्याय का कॉर्पोरेट करियर भी बहुत सफल रहा है। उन्होंने टाटा रोबिन्स फ्रेजर (TRF) में 25 वर्षों से अधिक समय तक काम किया। यहाँ उन्होंने व्यावसायिक मामलों और खरीद गतिविधियों में विशेष योगदान दिया और जर्मनी की सॉर्बर्ग इंटरप्लान के साथ कोल स्टेम्प चार्जिंग तकनीकी सहयोग स्थापित किया।

समाज सेवा और आध्यात्मिक योगदान

रवि शंकर उपाध्याय का प्रभाव केवल खेल और कॉर्पोरेट क्षेत्र तक सीमित नहीं है। समाज सेवा में भी उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने सद्गुरु सदाफल देव विहंगम योग संस्थान (SSDVYS) के साथ मिलकर समाज सेवा के कई कार्य किए हैं।

वह जमशेदपुर संत समाज के परामर्शक और संयोजक के रूप में कार्य कर चुके हैं, और इसके अलावा वह विभिन्न कार्यशालाओं के माध्यम से मानसिक शांति और तनाव प्रबंधन पर भी कार्य करते रहे हैं। उन्होंने IIT दिल्ली और XLRI जमशेदपुर में ध्यान और तनाव प्रबंधन पर कार्यशालाएँ आयोजित की हैं।

रवि शंकर उपाध्याय का जीवन दर्शन

आज 78 वर्ष की आयु में भी, रवि शंकर ‘गणेश’ उपाध्याय समाज के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनका मानना है कि देश के 65% युवा अगर राजनीति में आते हैं और समाज के विकास के लिए काम करते हैं, तो इससे देश में बदलाव आएगा। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी समाज सेवा, खेल और राजनीति के माध्यम से दूसरों की भलाई के लिए समर्पित की है। उनका जीवन एक प्रेरणा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करेगा।

राजनीति में युवाओं की भूमिका

रवि शंकर उपाध्याय ने लोक जनशक्ति पार्टी जॉइन करने के बाद युवा नेताओं की भूमिका को सराहा। उनका मानना है कि चिराग पासवान जैसे युवा नेता अगर आगे आते हैं, तो देश में वास्तविक बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य झारखंड में एक नया इतिहास रचने का है, और वह इस दिशा में अपने प्रयासों को लगातार जारी रखेंगे।




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