Jamshedpur : राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत संचालित ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ (एमडीटी) अभियान के 20वें दिन बुधवार को पीएमश्री कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, सुंदरनगर में कुष्ठ रोग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कुष्ठ रोग के लक्षण, पहचान, उपचार और बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने बताया कि कुष्ठ रोग बैक्टीरिया से होने वाला रोग है, जिसका नियमित एमडीटी दवा सेवन से पूर्ण उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि समय पर रोग की पहचान और उपचार शुरू होने से दिव्यांगता से बचा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को रोग के प्रमुख लक्षणों, जांच, निदान और संशोधित उपचार पद्धति की जानकारी दी। साथ ही बताया कि एक अप्रैल 2025 से देशभर में कुष्ठ रोग के उपचार की संशोधित पद्धति लागू की गई है।
डॉ. महतो ने बताया कि कुष्ठ रोग से प्रभावित मरीजों को उपचार की अवधि के दौरान सरकार की ओर से प्रतिमाह 500 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। उन्होंने समाज से कुष्ठ रोगियों के प्रति अपनी सोच बदलने की अपील करते हुए कहा कि उनके साथ सामान्य व्यक्ति की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में नवजागृत मानव समाज (एनजेएमएस) के पार्थो भट्टाचार्य ने डीपीएमआर के तहत सेल्फ केयर और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों की देखभाल और पुनर्वास के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. महतो ने सभी से कुष्ठ रोग उन्मूलन के लिए सामूहिक संकल्प लेने तथा समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की अपील की। इस अवसर पर विद्यार्थियों के बीच कॉपी, पेन, बिस्कुट और चॉकलेट का वितरण किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में नवजागृत मानव समाज, विद्यालय की वार्डन, शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों का सराहनीय योगदान रहा।
















