Jamshedpur : खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन (एमएमडीआर) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा कि झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों और राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आर्थिक नाकेबंदी जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने की भी चेतावनी दी गई।
मानगो नगर समिति की ओर से ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित अलसफा बैंक्वेट हॉल में पार्टी सदस्यता अभियान एवं एमएमडीआर संशोधन विधेयक के खिलाफ जनजागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। अध्यक्षता झामुमो मानगो नगर समिति के अध्यक्ष फतेह चंद टुडू ने की।
कार्यक्रम में झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान, पार्टी के पूर्व प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक कुणाल सारंगी, केंद्रीय समिति सदस्य शेख बदरुद्दीन, प्रमोद लाल, पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन, वरिष्ठ नेता महावीर मुर्मू, लालटू महतो, घाटशिला के पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, मतलूब अनवर खान, अकरम खान, फैयाज खान और गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजू गिरी समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और समर्थक मौजूद रहे।
सैकड़ों समर्थकों के साथ नेताओं ने थामा झामुमो का दामन
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि से जुड़े कई लोगों ने अपने समर्थकों के साथ झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी नेताओं ने नए सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया। सदस्यता ग्रहण करने वालों में वार्ड संख्या 21 के पार्षद इरशाद अहमद अंसारी, सामाजिक कार्यकर्ता शहादत खान और मुस्तकीम खान समेत उनके साथी और समर्थक प्रमुख रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी पार्टी की सदस्यता ली।
नए सदस्यों के शामिल होने से कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और जोश का माहौल रहा।
सामूहिक संघर्ष समय की अहम जरूरत: हिदायतुल्लाह खान
झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने नए सदस्यों और उनके समर्थकों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य के अधिकारों, संसाधनों और जनहित की रक्षा के लिए सामूहिक संघर्ष समय की अहम जरूरत है।
उन्होंने कहा कि झामुमो सभी धर्मों और जातियों के लोगों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु दिवंगत शिबू सोरेन के समय से ही राज्य के लोगों का झामुमो से जुड़ाव रहा है और पार्टी ने उन्हें भी सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को सम्मान दिया जाएगा।
हिदायतुल्लाह खान ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य के सर्वांगीण विकास का दावा करते हुए कहा कि झारखंड की पहचान यहां के मेहनतकश लोगों, आदिवासी एवं स्थानीय समाज तथा प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों से संबंधित ऐसी किसी भी नीति या कानून, जिससे राज्य के हित प्रभावित होते हों, उसके संभावित प्रभावों को लेकर जनता के बीच चर्चा और जागरूकता जरूरी है। एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 के मुद्दे पर झारखंड की जनता को जानकारी देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य के संवैधानिक और जायज अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना नागरिकों का अधिकार है। झारखंड का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब गरीब, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक और मेहनतकश वर्ग समेत सभी समुदायों को विकास में समान भागीदारी मिले।
सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो नेताओं ने कहा कि पार्टी झारखंड के अधिकारों, प्राकृतिक संसाधनों और जनता के हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर यहां की जनता का अधिकार है और इन संसाधनों का लाभ झारखंड एवं झारखंडवासियों को मिलना चाहिए।
नेताओं ने कहा कि एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ पार्टी सड़क से सदन तक अपनी आवाज बुलंद करेगी। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप देते हुए आर्थिक नाकेबंदी जैसे लोकतांत्रिक एवं आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।
पार्टी नेताओं ने नए सदस्यों से जनसमस्याओं को प्राथमिकता देने और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर संगठन को मजबूत करने की अपील की।

















