Jamshedpur : भाजपा जमशेदपुर महानगर के साकची स्थित जिला कार्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी असफलताओं की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग और निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।
अभय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को अपने राजनीतिक इतिहास और विभिन्न राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने बिहार समेत उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, त्रिपुरा, गोवा, नागालैंड, सिक्किम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव परिणामों के बाद बार-बार ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाना जनता के जनादेश पर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन मतदाताओं के निर्णय से होता है और राजनीतिक दलों को जनादेश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों से चुनावी अनियमितताओं से संबंधित किसी भी आरोप को प्रमाण और दस्तावेजों के साथ संबंधित संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष रखने की अपील की।
‘चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था, किसी दल की बपौती नहीं’
अभय सिंह ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, जो लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं सहित विभिन्न चुनावों का संचालन करती है। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया था।
भाजपा प्रवक्ता ने पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एम.एस. गिल का उदाहरण देते हुए कांग्रेस से उसके राजनीतिक संबंधों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने अतीत पर भी चर्चा करनी चाहिए।
SIR को लेकर कांग्रेस से सहयोग की अपील
अभय सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कहा कि यह प्रक्रिया किसी राजनीतिक दल के खिलाफ अभियान नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक विश्वसनीय बनाने की प्रक्रिया है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार बिहार में SIR के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों (BLA) की भी भागीदारी रही। आयोग ने बताया था कि 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई थी और 1.60 लाख से अधिक BLAs इस प्रक्रिया में शामिल थे।
अभय सिंह ने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया है तो संबंधित बूथ लेवल एजेंट तथ्यात्मक विवरण के साथ दावा दर्ज करा सकते हैं। वहीं मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित या एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं से संबंधित आपत्तियां भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज की जा सकती हैं। निर्वाचन आयोग ने भी SIR के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया का प्रावधान किया था।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और राजनीतिक दलों को इस प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए।
घुसपैठ के आरोपों पर भी कांग्रेस से जवाब मांगा
अभय सिंह ने बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठ से जुड़े आरोपों को लेकर भी कांग्रेस से जवाब मांगा। उन्होंने झारखंड के साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा और कोल्हान समेत विभिन्न क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकता या मतदाता पहचान को लेकर किसी प्रकार की शिकायत होने पर उसकी जांच निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।
उन्होंने जमशेदपुर के गोलमुरी क्षेत्र में कथित तौर पर तीन अफगानी नागरिकों से जुड़े मतदाता पहचान पत्र मिलने के मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के बजाय उन्होंने इसे जांच का विषय बताया।
‘जनादेश का सम्मान करें राजनीतिक दल’
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव में जीत और हार का फैसला मतदाता करते हैं। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को चुनाव परिणामों के बाद संगठन, नीतियों और जनसंपर्क की समीक्षा करनी चाहिए तथा यदि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी गंभीर अनियमितता का आरोप है तो उसे तथ्य और दस्तावेजों के साथ संबंधित संस्था के समक्ष उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के पक्ष में है तथा मतदाता सूची के पुनरीक्षण से लेकर चुनाव संचालन तक वैधानिक प्रक्रियाओं में सहयोग करेगी।
प्रेस वार्ता में भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा और वरिष्ठ भाजपा नेता अंजन सरकार मौजूद रहे।
















