Chaibasa : भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की चाईबासा शाखा का शाखा सम्मेलन डीपीएस पब्लिक स्कूल के सभागार में आयोजित किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ इप्टा चाईबासा के संस्थापक तरुण मुहम्मद ने ध्वजारोहण कर किया। इस अवसर पर परवेज आलम एवं साथियों द्वारा प्रस्तुत जनगीत ‘शांति के लिए उठे कदम’ ने सभागार में मौजूद लोगों में नई ऊर्जा और जोश का संचार किया।
इप्टा के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से डाल्टनगंज से प्रेम प्रकाश और रवि शर्मा तथा जमशेदपुर से अहमद बद्र विशेष रूप से सम्मेलन में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन शीतल सुगन्धिनी बागे ने किया। अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया।
गतिविधियों का प्रस्तुत किया गया प्रतिवेदन
शाखा सचिव संजय कुमार चौधरी ने सचिव का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए चाईबासा में इप्टा की गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। पर्यवेक्षक के रूप में पहुंचे डाल्टनगंज के प्रेम प्रकाश ने संगठन को और मजबूत बनाने को लेकर अपने सुझाव दिए।
जमशेदपुर के अहमद बद्र ने कहा कि इप्टा महज रंगकर्मियों का संगठन नहीं, बल्कि एक परिवार है। इस परिवार का और अधिक विस्तार करने की जरूरत है। वहीं डाल्टनगंज इप्टा के रवि शर्मा ने कहा कि संगठन को अन्य समाजसेवी संस्थाओं को भी साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
‘जुल्म देखकर चुप रहने वाला कलाकार नहीं’
संरक्षक संजीव मलिक ने कहा कि इप्टा की गतिविधियों में भाग लेकर वह गौरवान्वित महसूस करते हैं। संरक्षक राजीव नयनम ने इप्टा चाईबासा के शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि तरुण मुहम्मद द्वारा शाखा की स्थापना के समय से ही वे संगठन की गतिविधियों में नियमित रूप से हिस्सा लेते रहे हैं।
अध्यक्ष कैसर परवेज ने कहा कि सभी के सहयोग से इप्टा चाईबासा आज इस मुकाम तक पहुंचा है। शाखा संस्थापक तरुण मुहम्मद ने कहा कि इप्टा ने समय-समय पर अन्य समाजसेवी संस्थाओं को भी साथ लेकर काम करने का प्रयास किया है। उन्होंने 1999 में ओडिशा में आई बाढ़ का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय चाईबासा की करीब 30 समाजसेवी संस्थाओं को साथ लेकर बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए लाखों रुपये, कपड़े और अन्य सामान जुटाए गए थे।
उन्होंने कहा, “जो जुल्म होते देखकर चुप रहता है, वह कलाकार नहीं है।”
नई कार्यकारिणी का गठन
सम्मेलन के दौरान नवनिर्वाचित संरक्षक मंडल, शाखा पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी मंडल के सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया गया।
संरक्षक मंडल: अजय मित्रा, नितिन प्रकाश, राजीव नयनम, संजीव मलिक, ताराचंद शर्मा, राज किशोर साहू एवं परवेज आलम।
नवगठित कार्यकारिणी: अध्यक्ष कैसर परवेज, उपाध्यक्ष शीतल बागे एवं श्यामल दास, सचिव संजय कुमार चौधरी, सह सचिव चमरू कारवा एवं खुशबू राम, कोषाध्यक्ष शिव शंकर राम, सह कोषाध्यक्ष राजू प्रजापति तथा कार्यकारिणी सदस्य आनंद शर्मा, पल्लव कुमार डे, गिरीश दोदराजका, पप्पू मछुआ, नरेश राम, सुशीला पूर्ति एवं नवीन सिंह।
‘दिल की आवाज’ ने दर्शकों को किया उद्वेलित
सम्मेलन के सांस्कृतिक सत्र में इप्टा के रंगकर्मी एवं प्रख्यात स्टोरी टेलर दिनकर शर्मा ने ‘दिल की आवाज’ शीर्षक से एकल अभिनय प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया और सभागार तालियों से गूंज उठा।
















