जमशेदपुर: विभिन्न मदों से संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित, उप विकास आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश

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जमशेदपुर। उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिले में अनाबद्ध निधि, डीएमएफटी, नीति आयोग फंड, सांसद-विधायक निधि (एमपी/एमएलए लैड), सीएसआर, खेल और पर्यटन मद से संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त श्रीमान ने की।

बैठक में पुल-पुलिया, पहुंच पथ, पीसीसी सड़क, पेयजल स्रोतों, तथा विद्यालयों में अतिरिक्त कमरों के निर्माण से संबंधित योजनाओं की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। उप विकास आयुक्त ने कार्यदायी एजेंसियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में संबंधित योजना की तकनीकी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और आवश्यकता होने पर पुनः टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।

उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के विरुद्ध नियम के अनुरूप कार्रवाई करने का निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिया। अभियंत्रण विभागों को स्पष्ट रूप से यह भी कहा गया कि समय पर कार्य पूरा कराना उनकी जिम्मेदारी है, और विलंब होने पर जवाबदेही तय की जाएगी।

पीवीटीजी क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर विशेष ध्यान

नीति आयोग से प्राप्त फंड से जिले के विशेष जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया है। कुल 130 आंगनबाड़ी केन्द्रों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को दिया गया है।

डीएमएफटी फंड से आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण

वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत डीएमएफटी मद से स्वीकृत 60 आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने हेतु अभियंत्रण विभागों को अंचल अधिकारियों से समन्वय कर जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और यथाशीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।

सीएसआर मद से स्वास्थ्य, पोषण और आधारभूत सेवाओं का विस्तार

बैठक में सीएसआर मद से संचालित योजनाओं पर भी चर्चा की गई जिसमें पथ सुदृढ़ीकरण, चापाकल अधिष्ठापन, स्वास्थ्य सेवा सुदृढ़ीकरण, मोबाइल मेडिकल यूनिट, एम्बुलेंस, दवा क्रय और गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को पूरक पोषाहार जैसी योजनाएं शामिल रहीं। उप विकास आयुक्त ने इन सभी योजनाओं में उपबंधित राशि का जनहित में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की बात कही।

एमपी-एमएलए लैड योजनाओं को दें प्राथमिकता

सांसद एवं विधायक निधि के तहत चल रही योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी कार्यदायी एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि अपूर्ण योजनाओं की शीघ्र प्रगति सुनिश्चित करें और जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित योजनाओं को प्राथमिकता के साथ पारदर्शिता से पूर्ण करें। उन्होंने योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति पर बराबर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।

खेल और पर्यटन विकास पर भी विशेष चर्चा

बैठक में खेल और पर्यटन विकास से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने कहा कि आधारभूत संरचना से संबंधित किसी भी योजना को प्रारंभ करने से पहले जनप्रतिनिधियों को सूचित करना अनिवार्य है, और इस नियम का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को सकारात्मक सोच के साथ योजनाओं को जमीन पर उतारने की सलाह दी।

बैठक में इन अधिकारियों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, निदेशक एनईपी श्री संतोष गर्ग, जिला योजना पदाधिकारी श्री मृत्युंजय कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्रीमती रिंकू कुमारी, जिला कल्याण पदाधिकारी श्री शंकराचार्य समद, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती संध्या रानी सहित विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों, एनआरईपी, भवन निर्माण, जिला परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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