Jamshedpur : गौ सम्मान अभियान दिवस के अवसर पर रविवार को जमशेदपुर में हजारों गौभक्तों, श्रद्धालुओं एवं नागरिकों की सहभागिता के साथ विशाल जनसमागम आयोजित किया गया। इस दौरान पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के साथ जिले के पांच लाख से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए।
ज्ञापन में गौ माता को “राष्ट्रमाता” अथवा सम्मानजनक संवैधानिक एवं सांस्कृतिक दर्जा प्रदान करने, देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने तथा गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी नीतियां बनाने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन संबंधित संवैधानिक पदाधिकारियों तक प्रशासन के माध्यम से भेजा जाए।
बताया गया कि पिछले तीन महीनों से देशभर में गौ सम्मान हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा था, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से हस्ताक्षर कर गौ संरक्षण के प्रति अपना समर्थन दर्ज कराया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह साकची स्थित बोधि मैदान में हुई, जहां हजारों लोग एकत्रित हुए। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से “श्री राम जय जय राम” महामंत्र का भजन-कीर्तन किया। इसके बाद शांतिपूर्ण और अनुशासित रैली के रूप में उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और भारतीय जीवन मूल्यों से भी जुड़ा हुआ है।
गौ सम्मान अभियान के संरक्षक सुरेश लाल ने अभियान की सफलता पर सभी गौभक्तों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, विभिन्न समुदायों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और मातृशक्ति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज का व्यापक जनसमर्थन गौ संरक्षण के प्रति लोगों की गहरी आस्था और संकल्प को दर्शाता है तथा यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में गौ सम्मान अभियान समिति ने सभी सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए गौ संरक्षण एवं जनजागरण के इस अभियान को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

















