जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे, धुनाडीह प्राथमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण की मांग तेज

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Adityapur : कुचाई प्रखंड क्षेत्र के रूगुडीह पंचायत अंतर्गत धुनाडीह गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। हालत यह है कि भवन कभी भी जमींदोज हो सकता है, इसके बावजूद शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण छात्र-छात्राएं उसी खतरनाक भवन के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

पंचायत के मुखिया करम सिंह मुंडा, विधायक प्रतिनिधि धमेंद्र सिंह मुंडा तथा मधुसूदन मुंडा ने बच्चों के भविष्य और संभावित खतरे को देखते हुए कई बार नया विद्यालय भवन निर्माण की मांग उठाई है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों और अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है।

धुनाडीह गांव में ग्राम प्रधान नंदकिशोर मुंडा की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें विधायक प्रतिनिधि धमेंद्र सिंह मुंडा एवं मुखिया करम सिंह मुंडा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक में विधायक प्रतिनिधि ने कहा कि विद्यालय भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका है, जिससे बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावक भय और चिंता के माहौल में बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं।

मुखिया करम सिंह मुंडा ने बताया कि विद्यालय की दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं और छत का प्लास्टर गिर रहा है। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है, जिससे पठन-पाठन बाधित होता है। भवन की दयनीय स्थिति के कारण कई बच्चे स्कूल जाने से भी कतराने लगे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग को कई बार आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई पहल नहीं की गई है।

बैठक में ग्रामीणों और अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द नए भवन का निर्माण नहीं कराया गया तो वे बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे।

बैठक में शिक्षक जगमोहन जामुदा, दुशासन हाजाम, भुवनेश्वर मुंडा, गणपति मुंडा, हरीश नाग, युधिष्ठिर मुंडा, बलदेव मुंडा, सोम मुंडा सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब कार्रवाई कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले ही समाधान निकाला जा सके।

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