Seraikela:बाल श्रम के उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा गठित टास्क फोर्स ने रविवार को दिरलोंग, झाबरी तथा राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे संचालित विभिन्न गाड़ी वाशिंग सेंटरों पर अचानक छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान 5 अव्यस्क बच्चों को रेस्क्यू किया गया।
टास्क फोर्स की टीम ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जांच में पाया गया कि सभी बच्चे 14 वर्ष से अधिक उम्र के थे, इसलिए वाशिंग सेंटर संचालकों पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, बल्कि कड़ी चेतावनी जारी करते हुए भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का निर्देश दिया गया।
जिला टास्क फोर्स के सदस्य सैयद आयाज़ हैदर ने बताया कि,
“हमारी प्राथमिकता सरायकेला जिला को पूरी तरह बाल मजदूर मुक्त बनाना है। लगातार निरीक्षण व अभियान इसी दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
आज के अभियान में बाल कल्याण समिति सरायकेला के सैयद आयाज़ हैदर, बिनां रानी महतो, युवा संस्था के मुकेश कुमार पांडेय, चाइल्ड हेल्पलाइन सरायकेला के समीर महतो, कंचन कुमार, डालसा के सुखरंजन कुमार, बिट्टू प्रजापति तथा चांडिल थाना के अशोक कुमार यादव दलबल के साथ शामिल रहे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम करने वाले संस्थानों पर निगरानी और तेज की जाएगी तथा भविष्य में पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









