Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत बादलगोड़ा (घाटदुआर) में शुक्रवार को पारंपरिक धुड़िया जानताड़ (बुरू बोंगा) पूजा श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रकृति की आराधना करते हुए अच्छी वर्षा, भरपूर धान उत्पादन, सुख-समृद्धि और निरोग जीवन की कामना की।
पूजा का विधि-विधान से संचालन पुजारी (दिहरी) बाबा भूपति नायक ने किया। उन्होंने बुरू बोंगा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में समय पर वर्षा, अच्छी फसल, रोग-मुक्त जीवन तथा सभी लोगों के उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की प्रार्थना की।
आषाढ़ माह में आयोजित होने वाला यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुष्ठान क्षेत्र की आदिवासी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अवसर पर 12 मौजा के गांवों के ग्रामीण एकत्र होकर प्रकृति और बुरू बोंगा की सामूहिक आराधना करते हैं। स्थानीय मान्यता है कि इस पूजा के बाद समय पर अच्छी वर्षा होती है और कृषि कार्य सफल रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि यदि वर्षा अनुकूल होती है, तो भादो-दासांय माह में पारंपरिक बड़ा जानताड़ पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
पूजा समारोह में माझी बाबा शिरु मुर्मू, संतुष नायक, मधुराम मुर्मू, वृंदावन मार्डी, देवानंद नायक, मोहन हेम्ब्रम, संदीप नायक, राजाराम मार्डी, राहुल नायक सहित बादलगोड़ा, रांगामाटिया, लांगो, खैरबनी और आसपास के कई गांवों के ग्रामीण उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक आस्था की अनूठी झलक देखने को मिली।









