आवाज-ए-मंच की सांस्कृतिक संध्या में बिखरे सुर, महिला प्रतिभाओं ने दिखाया दम

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Jamshedpur : लौहनगरी में उभरती संगीत एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से सक्रिय संस्था आवाज-ए-मंच की ओर से रविवार को बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। महालय से पूर्व आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे महिला और पुरुष कलाकारों ने गीत, संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तुलसी भवन के सचिव प्रसनजीत सिंह, आदित्यपुर दूरदर्शन के म्यूजिक कंपोजर कृष्णा गांगुली और प्रोफेसर डॉ. कमलेश कुमार मौजूद रहे। संस्था की ओर से अतिथियों का गुलदस्ता और शॉल भेंट कर स्वागत किया गया। इसके बाद अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन किया।

उद्घाटन से पूर्व महिलाओं ने ‘दुर्गे दुर्गे दुर्गे तिनासिनी’ स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मां दुर्गा के स्वागत में प्रस्तुत इस गीत से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। महालय से पहले आयोजित इस विशेष प्रस्तुति ने सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत को आध्यात्मिक रंग दे दिया।


मुख्य अतिथियों ने आवाज-ए-मंच के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के मंच शहर के छोटे-बड़े कलाकारों को अपनी प्रतिभा सामने लाने और आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम भी है।

संस्था की संरक्षक काकुली सरकार ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से आवाज-ए-मंच शहर की महिला प्रतिभाओं को मंच देने, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और सशक्तीकरण की आवाज को मजबूती देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि महालय से पूर्व आयोजित यह सांस्कृतिक संध्या संस्था से जुड़े कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।


सांस्कृतिक संध्या में पारंपरिक गीतों से लेकर आधुनिक संगीत तक की प्रस्तुतियां पेश की गईं। महिलाओं ने मंच संभालते ही अपनी गायन प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। वहीं नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विविध रंग भर दिए। कलाकारों की प्रस्तुतियों में कहीं भारतीय संस्कृति और परंपरा की झलक दिखाई दी तो कहीं महिला आत्मविश्वास, सामाजिक एकता और सशक्तीकरण का संदेश उभरकर सामने आया।


इस अवसर पर मौ मुखर्जी, मधु चंद्रा, जया शर्मा, सोमा जाना, सुष्मिता सरकार, अर्पिता घोष, मीना राव, नाबो बोस, रेनू शर्मा, राकेश पांडेय, संगीता, सुभाषिस राय, सुशील करमाकर, शेखर सिंह, दिलीप कुमार पांडेय, एम. श्रीनिवास, अरुण कुमार, मीना महाराना, अंजना देव राय, अजय श्रीवास्तव, अंबरीश चटर्जी, पूर्णिमा बंसियार, दिनेश कुमार और महाश्वेता रक्षित सहित संस्था के अन्य सदस्य एवं संगीतप्रेमी मौजूद रहे।

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