आदित्यपुर |
आदित्यपुर स्थित जाग्रति मैदान में नगर निगम के प्रस्तावित भवन निर्माण को लेकर उठे भारी जनविरोध के बाद प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। गुरुवार को मैदान में उमड़े जनसैलाब ने स्पष्ट कर दिया कि खेल के मैदान पर किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। विरोध के बाद अब यह प्रस्ताव फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया है।
प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग मैदान में एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए कहा “यह खेल का मैदान है, खेल के लिए ही रहेगा।” लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि मैदान पर निर्माण का प्रयास किया गया तो इसका जोरदार विरोध जारी रहेगा।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि जाग्रति मैदान वर्षों पुराना है और नगर परिषद/नगर निगम भवन बनने से पहले से यहां खेल गतिविधियां होती रही हैं। इस मैदान से कई युवाओं ने पुलिस और सेना में भर्ती की तैयारी की है। उनका कहना है कि यह मैदान सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और शहर की पहचान से जुड़ा है।
प्रदर्शन के दौरान वार्ड पार्षद सुधीर चौधरी के खिलाफ भी लोगों में नाराज़गी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्षद भवन निर्माण के पक्ष में हैं, जबकि क्षेत्र की जनता इसके खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह मैदान किसी एक वार्ड का नहीं, बल्कि पूरे आदित्यपुर के लोगों का है।
लोगों ने प्रशासन को कड़ा संदेश देते हुए कहा “भवन कहीं भी बन सकता है, लेकिन मैदान दोबारा नहीं बनता।” साथ ही चेतावनी दी कि मैदान पर निर्माण की कोशिश हुई तो आंदोलन और तेज होगा।
इस बीच आदित्यपुर के मेयर संजय सरदार ने जनभावनाओं का समर्थन करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “मैं पूरे आदित्यपुर का मेयर हूं, केवल एक वार्ड का नहीं। जहां स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं, वहां भवन नहीं बनेगा। जनभावना के खिलाफ कोई काम नहीं किया जाएगा।”
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने भी विरोध को देखते हुए फिलहाल जाग्रति मैदान में भवन निर्माण की योजना को रोक दिया है और वैकल्पिक स्थल की तलाश की जा रही है।











