टाउन हॉल में सहिया साथी सम्मेलन सह सीएचओ सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित, 35 सहिया व 7 सीएचओ हुए सम्मानित

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कार्यक्रम का शुभारंभ करती राज्य कार्यक्रम समन्वयक अकाय मिंज व अन्य
टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल सहिया साथियां

साहिबगंज: जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के पोखरिया स्थित टाउन हॉल में रविवार को एकदिवसीय सहिया साथी व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। जहां इस कार्यक्रम में राज्यस्तरीय टीम में शामिल एनएचएम की राज्य कार्यक्रम समन्वयक अकाय मिंज, राज्य बीसीआरसी के डॉ. मुनीर अहमद, राज्य परामर्श मीडिया पदाधिकारी अजय शर्मा समेत सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान शामिल हुए। उधर राज्यस्तरीय टीम में शामिल स्वास्थ्य अधिकारियों का स्वागत आदिवासी रीति रिवाज के साथ किया गया। जहां कार्यक्रम की शुरुआत बरगद के पेड़ पर पानी डालकर किया गया। इसके बाद सहिया साथियों ने पत्ते से बने टोपी, शॉल व पौधा मुख्य अतिथियों को देकर इस कार्यक्रम की शुरुआत की। उधर कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली सहिया साथियों व सीएचओ के उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना था। जहां इस सम्मेलन में उत्कृष्ट योगदान के लिए 35 सहिया साथियों व 7 सीएचओ को सम्मानित किया गया। उधर इस सम्मेलन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आई सहिया साथियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। जहां मंच से अतिथियों ने सहिया साथियों के संघर्ष, समर्पण और सेवा भावना की खुले दिल से सराहना की और कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की असली रीढ़ यही सहिया बहनें हैं, जिनके भरोसे गांव गांव तक सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं पहुंच पाती हैं। उधर सम्मेलन को संबोधित करते हुए एनएचएम की राज्य कार्यक्रम समन्वयक अकाय मिंज ने कहा कि सहिया साथियां जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। जहां सीमित संसाधनों के बावजूद वे गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों और बुजुर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। यह कार्य केवल नौकरी नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। वहीं राज्य परामर्श मीडिया पदाधिकारी अजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि एक मीडिया परामर्श अधिकारी के रूप में वे सहिया साथियों के कार्यों को बेहद करीब से देखते आ रहे हैं जहां सहिया साथियां कम संसाधनों में भी बेहतर परिणाम दे रही हैं और कहीं न कहीं यही बहनें स्वास्थ्य व्यवस्था की जड़ों को मजबूत कर रही हैं। जहां वे घर घर जाकर टीकाकरण, मातृ शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन और पोषण के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं। उधर राज्य बीसीआरसी के डॉ. मनीर अहमद ने कहा कि जब भी स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की बात होती है, तो सहिया साथियों की भूमिका सबसे पहले सामने आती है। जहां ग्रामीण क्षेत्रों में सहिया बहनों के सहारे ही स्वास्थ्य विभाग अपनी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर पाता है। वही गांव गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सभी सहिया साथियों का योगदान अव्वल है।उधर कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने कहा कि सभी सहिया साथी स्वास्थ्य व्यवस्था की “रीढ़” हैं। वे कम संसाधनों में भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं और गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करना, टीकाकरण, कुपोषण की पहचान, परिवार नियोजन और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे कार्यों में सहिया साथियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसी कारण उत्कृष्ट कार्य करने वाली 35 सहिया दीदियों और 7 सीएचओ को सम्मानित किया गया है ताकि अन्य सहिया साथी भी पूरे मन से अपने कार्यों को करें और जिलास्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने के क्षेत्र में सम्मानित होने का गौरव प्राप्त करें। इस कार्यक्रम में जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. किरण माला, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पूनम कुमारी, डॉ. रंजन कुमार, डॉ. देवेश कुमार, डॉ. महमूद आलम, डॉ. उदय टुडू सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे। 

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