Jamshedpur : ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC) झारखंड राज्य कमिटी के तत्वावधान में ‘मजदूर वर्ग की स्थिति और चुनौतियां’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय श्रमिक प्रशिक्षण शिविर रविवार को रेलवे इंस्टीट्यूट, आदित्यपुर में संपन्न हुआ। 29 अगस्त से शुरू हुए शिविर में झारखंड के लगभग सभी जिलों से AIUTUC के सदस्य और मजदूर प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
शिविर के पहले सत्र में विभिन्न जिलों से पहुंचे मजदूर प्रतिनिधियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र और कार्यस्थलों पर मजदूरों की मौजूदा स्थिति, समस्याओं और चुनौतियों को रखा। राज्य कमिटी के सदस्यों ने प्रतिनिधियों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए मजदूरों की वास्तविक परिस्थितियों को समझने और उनके समाधान के रास्ते तलाशने पर जोर दिया।
दूसरे सत्र में विभिन्न कंपनियों और कार्यक्षेत्रों से आए मजदूर प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान संगठन को मजबूत करने, अधिक से अधिक मजदूरों को संगठन से जोड़ने और श्रमिक समस्याओं के समाधान को लेकर सुझाव दिए गए।
पूंजीवादी नीतियों पर शंकर दास गुप्ता ने साधा निशाना
शिविर के अंतिम सत्र को AIUTUC के ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी कॉमरेड शंकर दास गुप्ता ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बनाई जा रही कई नीतियों में मजदूरों के हितों की अपेक्षा पूंजीपतियों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का उदाहरण देते हुए कहा कि व्यापार को आसान बनाने के नाम पर श्रमिकों के अधिकारों और हितों को कमजोर किया जा रहा है।
उन्होंने Mines and Minerals (Development and Regulation) Act, 1957 में हुए संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि खनिज क्षेत्र में नीलामी व्यवस्था से बड़े पूंजीपतियों को अधिक लाभ मिलने की स्थिति बनी है, जबकि छोटे कारोबारियों के सामने चुनौतियां बढ़ी हैं। उन्होंने इसे पूंजी के केंद्रीकरण की प्रक्रिया बताते हुए मजदूर वर्ग को वर्ग दृष्टिकोण से नीतियों को समझने की जरूरत बताई।
शंकर दास गुप्ता ने कहा कि मजदूर वर्ग को किसी व्यक्ति विशेष के विरोध तक सीमित रहने के बजाय अपनी वास्तविक स्थिति, अधिकारों और हितों को वर्ग चेतना के आधार पर समझना होगा। उन्होंने कहा कि मालिक और मजदूर वर्ग के हितों में बुनियादी अंतर है और इसी कारण श्रमिकों के बीच अपने अधिकारों और संघर्ष के प्रति चेतना विकसित करना जरूरी है।
संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के चरित्र निर्माण पर जोर
उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए नए लोगों को जोड़ने, उन्हें शिक्षित एवं सक्रिय कार्यकर्ता बनाने और कार्यकर्ताओं के चरित्र निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन में पद हासिल करना लक्ष्य नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करना और मजदूरों व आम जनता के बीच विश्वास कायम करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने मजदूरों के शोषण के खिलाफ संगठित संघर्ष को जरूरी बताते हुए कहा कि संगठित और वैचारिक आंदोलन के माध्यम से अपनी मांगों के लिए संघर्ष किया जा सकता है। उन्होंने विभिन्न जन आंदोलनों का उदाहरण देते हुए व्यापक आंदोलन के महत्व पर जोर दिया।
शिविर में मजदूर हितों से जुड़े कानूनों और नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने तथा पूरे झारखंड में मजदूरों के बीच वर्ग चेतना, संगठनात्मक चेतना और बेहतर चरित्र निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।
मंच पर कॉमरेड अमर चौधरी, जयसेन मेहर, लिली दास, आशीष कुमार धर, राज्य अध्यक्ष आर. एस. शर्मा और सचिव राजीव तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विष्णु देव गिरी, अनिल बावड़ी, आसुदेव महतो, दिलीप कुमार, आशीष कुमार घोष, राजू कुमार, नूनीवाला देवी, हाबूलाल महतो, सुभाष प्रमाणिक, जितेंद्र ठाकुर, विशाल कुमार बर्मन, रोहित कुमार, संतोष कुमार, कौशिक घोष सहित अन्य सदस्यों ने भूमिका निभाई।
समापन पर मजदूरों को संगठन से जोड़ने, संगठन को मजबूत करने तथा पूरे झारखंड में मजदूरों के बीच वर्ग चेतना और संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
















