जादूगोड़ा। सुंदरनगर ब्रह्मर्षि कमिटी को रद्द कर उसे जादूगोड़ा ब्रह्मर्षि समाज में विलय करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में जादूगोड़ा ब्रह्मर्षि महिला समिति की अध्यक्ष नूतन राय ने जमशेदपुर स्थित केंद्रीय महिला कमिटी को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में नूतन राय ने कहा है कि पूर्व में जादूगोड़ा, नरवापहाड़, सुंदरनगर और तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट तक ब्रह्मर्षि समाज की एक संयुक्त कमिटी थी। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने निजी हितों के चलते समाज को विभाजित करने का प्रयास किया, जिसके बाद सुंदरनगर की अलग कमिटी अस्तित्व में आई।
नूतन राय के अनुसार, जादूगोड़ा से अलग होकर सुंदरनगर कमिटी बनने से समाज कमजोर हुआ है। पिछले करीब 40 वर्षों से जादूगोड़ा, नरवापहाड़, सुंदरनगर और तुरामडीह प्रोजेक्ट क्षेत्र में रहने वाले ब्रह्मर्षि समाज के लोग आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रहते आए हैं।
उन्होंने पत्र में कहा कि कंपनी से सेवानिवृत्ति के बाद क्षेत्र में ब्रह्मर्षि समाज की संख्या लगातार घट रही है। ऐसे में समाज को अलग-अलग कमिटियों में बांटने के बजाय एकजुट रखना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि करीब 95 प्रतिशत महिलाएं सुंदरनगर की अलग कमिटी के पक्ष में नहीं हैं।
नूतन राय ने केंद्रीय कमिटी से अनुरोध किया है कि पूर्व की तरह संयुक्त व्यवस्था को बहाल किया जाए, ताकि सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का सुचारु रूप से आयोजन हो सके और ब्रह्मर्षि समाज संगठित एवं मजबूत बना रहे।
उन्होंने कहा कि जिला की केंद्रीय कमिटी को सर्वोपरि मानते हुए इस मामले पर गंभीरता से विचार कर समाजहित में उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।

















