विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर जमशेदपुर में बंटवारे की पीड़ा को किया याद, विस्थापित परिवारों के संघर्ष को किया नमन

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Jamshedpur : देश के विभाजन की त्रासदी और उस दौरान जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में भाजपा जमशेदपुर महानगर की ओर से शुक्रवार को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया गया। सीतारामडेरा मंडल अंतर्गत ईस्ट बंगाल कॉलोनी में आयोजित विषयक गोष्ठी की अध्यक्षता भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने की। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम में ईस्ट बंगाल कॉलोनी, सिंधी कॉलोनी और रिफ्यूजी कॉलोनी के विस्थापित परिवारों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। भाजपा नेताओं एवं उपस्थित लोगों ने विभाजन के दौरान मारे गए नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा विस्थापन, हिंसा और पीड़ा झेलने वाले परिवारों के संघर्ष को याद किया।

महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन लोगों को श्रद्धापूर्वक याद करने का अवसर है, जिनका जीवन देश के बंटवारे की त्रासदी से प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि यह दिवस विस्थापित परिवारों के कष्ट, संघर्ष और उनके साहस को स्मरण करने का अवसर भी है।



‘विभाजन मानव इतिहास की भयावह त्रासदियों में से एक’ : रघुवर दास

मुख्य वक्ता पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भारत का विभाजन कोई सामान्य राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि मानव इतिहास की भयावह त्रासदियों में से एक था। विभाजन के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर, जमीन-जायदाद और पुश्तैनी स्थान छोड़कर विस्थापन का जीवन जीना पड़ा।

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की तत्कालीन राजनीति को विभाजन की परिस्थितियों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल सहित कई नेताओं ने विभाजन का विरोध किया था। रघुवर दास ने आरोप लगाया कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के सत्ता-केंद्रित निर्णयों और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण देश को विभाजन की त्रासदी झेलनी पड़ी।

उन्होंने कहा कि एक ओर देश स्वतंत्रता का उत्सव मना रहा था, तो दूसरी ओर करोड़ों लोग जान बचाने के लिए अपने घरों से पलायन कर रहे थे। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भीषण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को उस दौर की घटनाओं और उसके परिणामों से अवगत कराना है।



‘विभाजन का इतिहास आने वाली पीढ़ियों के लिए सीख’ : अमरप्रीत सिंह काले

भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि इतिहास केवल अतीत का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सीख और चेतावनी भी है। भारत विभाजन की पीड़ा को भुलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लाखों परिवारों ने अपने घर, संपत्ति और अपनों को खोया, लेकिन विस्थापित परिवारों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद साहस और परिश्रम से अपना जीवन दोबारा खड़ा किया और देश के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने सभी से मजबूत, समरस, शांतिपूर्ण और अखंड भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

विभाजन की आपबीती सुनाते हुए भावुक हुए सरदार गुरप्रीत सिंह

कार्यक्रम में सरदार गुरप्रीत सिंह ने विभाजन के दौर की अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने अपनों से बिछड़ने, घर-बार छोड़ने और जान बचाकर भारत आने की पीड़ा को याद किया। विभाजन की भयावह घटनाओं को याद करते हुए वह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वर्षों बीतने के बावजूद उस दौर की यादें आज भी उनके दिलो-दिमाग में ताजा हैं।

कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह राजा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सीतारामडेरा मंडल अध्यक्ष रंजीत सिंह ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा, मिथिलेश सिंह यादव, कल्याणी शरण, कुलवंत सिंह बंटी, खेमलाल चौधरी, संजीव सिंह, बबुआ सिंह, रूबी झा, राजीव सिंह, जितेंद्र राय, रीना चौधरी, प्रेम झा, बिनोद सिंह, अमित सिंह, मंजीत सिंह, नीतीश कुशवाहा, नीलु मछुआ, रमेश बास्के, कुमार अभिषेक, युवराज सिंह, विकास शर्मा, रविन्द्र सिसोदिया, मारुति नंदन पांडेय, जुगनू वर्मा समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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