Lakhnaw: मुख्यमंत्री ने श्रावण माह के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रावण लोकमंगल, श्रम-सम्मान और सामूहिकता का पवित्र पर्व है। यह माह प्रकृति, सेवा और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से समाज को संयम, समरसता और सहयोग का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण के दौरान प्रकृति नवसृजन का संदेश देती है और अन्नदाता के परिश्रम का परिणाम हरित समृद्धि के रूप में दिखाई देने लगता है। सनातन संस्कृति में यह नवोन्मेष भगवान शिव की आराधना से जुड़कर जीवन को सेवा, अनुशासन और संतुलन का मार्ग दिखाता है।
उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव प्रकृति के संरक्षण और सहअस्तित्व के प्रतीक हैं। उनकी जटाओं में प्रवाहित गंगा, मस्तक पर चंद्रमा, कंठ का सर्प, नंदी और उनके गण प्रकृति के प्रत्येक स्वरूप के सम्मान और संरक्षण का संदेश देते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि श्रावण माह को सेवा, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सामाजिक सहभागिता का अभियान बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूंद का सम्मान और प्रत्येक पौधे का संरक्षण ही श्रावण का वास्तविक संदेश है तथा समृद्ध, सुरक्षित और विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला भी।
















