Ranchi : झारखंड भाजपा में विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सबसे अधिक चर्चा भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर है। इस बीच रांची के भाजपा नेता अविनाश मिश्रा की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने संगठन के भीतर और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
अविनाश मिश्रा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा अगले तीन से चार दिनों में हो सकती है। उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा ऐसे कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करता है जो युवाओं के बीच कार्य करते हैं, इसलिए अध्यक्ष ऐसा होना चाहिए जो अपने आचरण, कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता से युवा कार्यकर्ताओं को प्रेरित कर सके तथा उनमें अपनत्व का भाव पैदा करे।

उन्होंने अपने पोस्ट में दावा किया कि अध्यक्ष पद की दौड़ में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पूर्व में अपने दायित्वों का निर्वहन प्रभावी ढंग से नहीं कर सके, जिन पर चारित्रिक आचरण को लेकर सवाल उठते रहे हैं और जिनके संबंध में सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जो लोग उनकी बात पर संदेह करते हैं, वे उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर संबंधित साक्ष्य देख सकते हैं।
अविनाश मिश्रा ने पोस्ट में यह भी लिखा कि यदि ऐसे किसी व्यक्ति को पार्टी इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपती है तो इससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है और भविष्य में संगठन को असहज स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अपील की कि युवा मोर्चा अध्यक्ष की नियुक्ति में जल्दबाजी न करते हुए संगठन की गरिमा, कार्यकर्ता हित और उम्मीदवार के चरित्र व संगठनात्मक निष्ठा को प्राथमिकता दी जाए।
हालांकि, अविनाश मिश्रा की पोस्ट में लगाए गए आरोप उनके व्यक्तिगत दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित व्यक्तियों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भाजपा संगठन की ओर से भी प्रदेश युवा मोर्चा अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
















