Jadugoda : देशहित में यूरेनियम उत्पादन के लिए अपनी जमीन देने वाले यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) की पूर्वी सिंहभूम स्थित सात यूरेनियम खदानों के विस्थापितों की बैठक शनिवार देर शाम मुर्गाघुटू पंचायत भवन में आयोजित की गई। बैठक में बागजाता, जादूगोड़ा, भाटीन, नरवा पहाड़, तुरामडीह, महुलडीह तथा बादु-हुराग खुली खान के विस्थापितों ने भाग लिया।
बैठक में विस्थापितों ने आरोप लगाया कि विभिन्न समझौतों के बावजूद यूसील प्रबंधन अब तक उनके हक और अधिकार सुनिश्चित नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, जिन पर आज तक ठोस पहल नहीं हुई है।
विस्थापितों की प्रमुख मांगों में सेवानिवृत्त विस्थापित परिवारों के आश्रितों को रोजगार, ड्यूटी के दौरान मृत विस्थापित कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति, विस्थापित ठेका कर्मियों को स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन एवं सुविधाएं, विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों के बच्चों को कंपनी स्कूल में 100 प्रतिशत नामांकन में प्राथमिकता तथा फ्रेश विस्थापित प्रमाणपत्र धारकों की कंपनी में शीघ्र बहाली शामिल हैं।
बैठक में निर्णय लिया गया कि नरवा पहाड़ विस्थापित समिति के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल 3 अगस्त को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो विस्थापित आंदोलन की अगली रणनीति तय करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी यूसील प्रबंधन की होगी।
बैठक में नरवा पहाड़ विस्थापित समिति के अध्यक्ष बुध राय किस्कू, उपाध्यक्ष मोची राम सोरेन, माझी युवराज टुडू, भोगला मार्डी, दसमत मुर्मू, दुर्गा मुर्मू (तालसा ग्राम प्रधान), चैतन मुर्मू, घासिया होनहागा, एम.पी. दिग्गी, भागवत मार्डी, सोना राम मुर्मू सहित सातों यूरेनियम खदानों के बड़ी संख्या में विस्थापित उपस्थित रहे।

















