गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा गया कि भारतीय मनीषा और सनातन संस्कृति में गुरु को साक्षात् परम ब्रह्म का स्वरूप माना गया है। यह पर्व गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
संदेश में कहा गया कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा भी प्रदान करते हैं। वे ज्ञान के प्रकाश से शिष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर सत्य, संस्कार और सद्मार्ग की ओर अग्रसर करते हैं।
प्रदेशवासियों से अपील की गई कि वे अपने गुरुजनों का सदैव सम्मान और स्मरण करें तथा उनके बताए आदर्शों और मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं। संदेश में कहा गया कि गुरु के मार्गदर्शन पर चलकर ही व्यक्ति का समग्र विकास संभव है और इसी से एक विकसित एवं समृद्ध प्रदेश के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
















