Jamshedpur : जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत पश्चिम हालुदबनी पंचायत में मुखिया फंड से कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 15वें वित्त आयोग की राशि से करीब 1 लाख 77 हजार 840 रुपये की लागत से आसित दा के घर से तंबू के घर तक निर्मित पेवर्स ब्लॉक सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है। उनका कहना है कि सड़क बनने के करीब एक माह के भीतर ही कई जगहों से उखड़ने लगी है, जबकि पेवर्स ब्लॉक भी टूटने लगे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। उनका आरोप है कि ठेकेदार, लाभुक समिति और संबंधित इंजीनियर की मिलीभगत से मानकों की अनदेखी कर निर्माण कराया गया, जिसके कारण सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ है।
स्थानीय लोगों ने पंचायत की मुखिया और जमशेदपुर प्रखंड प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र में मुखिया फंड से कराए जा रहे कई विकास कार्यों में गुणवत्ता का अभाव है और निगरानी की कमी के कारण लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि पंचायत में चल रहे नाली मरम्मत कार्य में भी घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और इसका नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पश्चिम हालुदबनी पंचायत में मुखिया फंड से कराए गए सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, इंजीनियरों, ठेकेदारों और अन्य जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
















