पटना। बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम के बाहर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के बीच उस समय तनाव हिंसक झड़प में बदल गया, जब दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। पहले नारेबाजी और तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चले और पथराव शुरू हो गया। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में भाजपा ने बुधवार को देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया था। इसी क्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पटना स्थित कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम पहुंचे। प्रदर्शन की सूचना पहले से होने के कारण कांग्रेस कार्यकर्ता भी कार्यालय परिसर में मौजूद थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम समेत कई वरिष्ठ नेता भी उस समय मुख्यालय में मौजूद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर करीब दो बजे भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए सदाकत आश्रम पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पहले धक्का-मुक्की और तीखी बहस हुई, जो जल्द ही हिंसक संघर्ष में बदल गई। झड़प के दौरान लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया और दोनों ओर से पथराव भी हुआ। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके नेताओं के वाहनों पर हमला कर कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पथराव और मारपीट में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय की ओर भी जमकर पत्थर फेंके गए। घटना के समय पुलिस बल मौके पर मौजूद था, लेकिन शुरुआती दौर में स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से दोनों पक्षों को अलग कर हालात पर काबू पाया गया।
इस हिंसक झड़प के कारण दानापुर-गांधी मैदान मुख्य मार्ग पर काफी देर तक यातायात बाधित रहा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और घटनास्थल के वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। वहीं, घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।

















