Bahragora: बहरागोड़ा थाना परिसर स्थित नवनिर्मित शिव मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय पुनः प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भव्य कलश यात्रा, वैदिक अनुष्ठानों और महाप्रसाद वितरण के साथ पूरा क्षेत्र भगवान शिव की भक्ति में सराबोर रहा।

महोत्सव के दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण बामडोल स्थित पवित्र स्वर्णरेखा नदी से निकली कलश यात्रा रही। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कलशों में पवित्र जल भरकर शोभायात्रा प्रारंभ की। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, शंखध्वनि और “हर-हर महादेव” तथा “जय भोलेनाथ” के जयघोष के साथ यात्रा विभिन्न मोहल्लों से होते हुए शिव मंदिर परिसर पहुंची।
कलश यात्रा में आसपास के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
मंदिर पहुंचने के बाद कलश स्थापना के साथ भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना एवं वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। इस दौरान अंतर्यामी उपाध्याय, सुमन मिश्रा, रामकुमार मिश्र, चंद्रभानु पड़ी, रमाकांत सतपति, श्रीनिवास, देवनाथ मिश्रा, रुद्र प्रताप पांडा और विवेक दुबे सहित विद्वान आचार्यों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कराई।
पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
शिव मंदिर पूजा समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं स्थानीय ग्रामीण पूरे आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि थाना परिसर स्थित जर्जर शिव मंदिर का स्थानीय लोगों के सहयोग से पुनर्निर्माण कराया गया है। तीन दिवसीय इस धार्मिक महोत्सव का समापन 21 जुलाई को महापूर्णाहुति एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होगा।

















