Jamshedpur : जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में मलेरिया के बढ़ते मामलों की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण को लेकर उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक, सिविल सर्जन, नगर निकायों के पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), चिकित्सा पदाधिकारी प्रभारी (एमओआईसी), जुस्को के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में उपायुक्त ने मलेरिया की जांच, उपचार, निगरानी, फॉगिंग और जनजागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहियाओं को आवश्यकता के अनुसार रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) का प्रशिक्षण देकर गांव स्तर पर मलेरिया जांच की क्षमता बढ़ाई जाए। साथ ही मरीजों द्वारा मलेरिया रोधी दवाओं के नियमित सेवन की निगरानी फोटो, व्हाट्सएप और जीपीएस आधारित रिपोर्टिंग के माध्यम से सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मलेरिया प्रभावित एवं सीमावर्ती गांवों में सर्विलांस, जांच और निगरानी गतिविधियों का दायरा बढ़ाया जाए। आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों और सामूहिक आवासीय परिसरों में विशेष जांच अभियान चलाने के साथ मलेरिया नियंत्रण की साप्ताहिक और मासिक समीक्षा नियमित रूप से की जाए। प्रकोप वाले क्षेत्रों में प्रतिदिन समीक्षा करने तथा वेक्टर जनित रोग (वीबीडी) कार्यक्रम से जुड़े कर्मियों की कार्यप्रगति का मासिक मूल्यांकन करने को भी कहा गया।
उन्होंने इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (आईआरएस) अभियान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, फील्ड टीमों का क्षमता विकास करने तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त टीमों की तैनाती के निर्देश दिए। साथ ही सभी प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया जांच किट, आवश्यक दवाओं और कीटनाशकों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने कहा कि अधिक से अधिक मलेरिया जांच संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन फील्ड स्टाफ से फीडबैक लें और किसी भी नए मरीज की सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। प्रत्येक प्रखंड स्तरीय बैठक में मलेरिया नियंत्रण की समीक्षा को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए गए।
गंभीर मरीजों के उपचार को लेकर उपायुक्त ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर 30 मिनट अथवा उससे कम समय में एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए अन्य प्रखंडों से भी बैकअप व्यवस्था बनाए रखने तथा बीडीओ एवं एमओआईसी के बीच नियमित समन्वय सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 22 हजार मलेरिया जांच की जा चुकी है, जबकि एक लाख जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समय पर संक्रमण की पहचान और उपचार के लिए अधिक से अधिक जांच करने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने सिविल सर्जन को प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग के लिए आवश्यक रसायनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां मलेरिया के मामले अधिक हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर रोस्टर बनाकर नियमित फॉगिंग कराई जाए। जिन पंचायतों में फॉगिंग मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां शीघ्र मशीन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही उपायुक्त ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में युद्धस्तर पर फॉगिंग एवं जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। नगर निकायों के अधिकारियों को अगले तीन से चार दिनों के भीतर विशेष अभियान चलाकर बड़े और छोटे सभी नालों की सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि जलजमाव रोककर मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।








