Chaibasa : झींकपानी स्थित अडानी सीमेंट फैक्ट्री को बंद किए जाने के नोटिस के विरोध में कांग्रेस ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को चाईबासा परिसदन में खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने फैक्ट्री बंद होने से संभावित रोजगार संकट और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी सांसद को दी।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि अडानी सीमेंट फैक्ट्री से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों श्रमिकों एवं उनके परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। यदि फैक्ट्री बंद होती है तो बड़ी संख्या में लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा और झींकपानी सहित पूरे कोल्हान क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित होंगी। उन्होंने श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल प्रभावी पहल की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को अवगत कराया कि इस मुद्दे पर यूथ इंटक पहले ही धरना-प्रदर्शन कर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित कर चुका है। इसके बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर फैक्ट्री बंद होने से रोकने, श्रमिकों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा औद्योगिक गतिविधियों को जारी रखने की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे गए मांग पत्र की प्राप्ति रसीद भी सांसद को सौंपी गई।
सांसद कालीचरण मुंडा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि झींकपानी अडानी सीमेंट फैक्ट्री से जुड़े श्रमिकों और स्थानीय लोगों की चिंता पूरी तरह जायज है। उन्होंने कहा कि संसद की श्रम, वस्त्र एवं कौशल विकास संबंधी स्थायी समिति के सदस्य होने के नाते वह इस मुद्दे को उचित मंचों पर उठाएंगे। श्रमिकों के हितों और उनके रोजगार की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और इस दिशा में हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष इस विषय को प्रमुखता से उठाकर फैक्ट्री का संचालन जारी रखने के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।
इस दौरान धर्मेन्द्र सोनकर, चंद्रशेखर दास, सन्नी सिंकु, सुरेश सावैयां, त्रिशानु राय, अमृत माझी एवं शैली शैलेन्द्र सिंकु सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








