पावड़ा पंचायत में झारखंड ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम का शुभारंभ,

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Jamshedpur : झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद (जेसीएसटीआई) तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार द्वारा संचालित झारखंड ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम 2026-27 का शुभारंभ सोमवार को घाटशिला प्रखंड की पावड़ा पंचायत के सांढ़पुरा स्थित डाक बंगला मैदान में किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, स्थानीय नवाचारों और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण को लेकर व्यापक चर्चा हुई।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों, पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं इंटर्नशिप टीम के सदस्यों द्वारा पौधारोपण अभियान के साथ की गई। इसके बाद आयोजित संवाद कार्यक्रम में पंचायत क्षेत्र की समस्याओं, संभावनाओं, पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय नवाचारों और सतत विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य करण सिंह, पावड़ा पंचायत की मुखिया पार्वती मुर्मू, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के मेंटोर ऑफ मेंटर्स राकेश कुमार सहित कई गणमान्य लोगों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय नवाचारों का संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण समय की आवश्यकता है। ऐसी पहलें न केवल ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचान दिलाएंगी, बल्कि राज्य के समावेशी विकास को भी नई दिशा देंगी।

इंटर्नशिप कार्यक्रम का नेतृत्व बी.ए. कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, जमशेदपुर की सहायक प्राध्यापक श्रीमती प्रिया राहुल कर रही हैं। उनके मार्गदर्शन में छात्र इंटर्न आदित्य चौधरी, रेशव पांडेय, राजीव पात्रा और पिंकी कुमारी 15 जून से 9 अगस्त तक पावड़ा पंचायत के विभिन्न गांवों में क्षेत्रीय अध्ययन और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से कार्य करेंगे।

श्रीमती प्रिया राहुल ने बताया कि इंटर्नशिप के दौरान टीम ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय नवाचारों, कृषि एवं वन आधारित प्रथाओं, लोक स्वास्थ्य संबंधी अनुभवों तथा आजीविका से जुड़े नवाचारों का विस्तृत दस्तावेजीकरण करेगी। साथ ही ग्रामीण समुदायों की समस्याओं और आवश्यकताओं की पहचान कर उन्हें संबंधित संस्थानों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि इससे पंचायत क्षेत्र के नवाचारों को नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।

कार्यक्रम का समापन ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय ज्ञान और नवाचारों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। यह पहल ग्रामीण समाज में छिपी प्रतिभाओं और नवाचारों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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