सुरदा माइंस में ठेका मजदूरों का उबाल, 15 दिन में मांगें नहीं मानी गईं तो होगा ‘हुडका जाम’

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Musabani : हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल/आईसीसी) के अधीन संचालित सुरदा माइंस में कार्यरत ठेका मजदूरों के बीच लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर असंतोष अब आंदोलन का रूप लेने लगा है। बुधवार को ठेका कंपनी आर के अर्थ रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए श्रम अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।

आंदोलन का नेतृत्व झामुमो नेता एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी ने किया। इस दौरान सुरदा बाजार हाट में बड़ी संख्या में ठेका मजदूरों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मजदूरों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और आगामी आंदोलन की रणनीति तय की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए बाघराय मार्डी ने आरोप लगाया कि ठेका कंपनी द्वारा श्रम कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा है और मजदूरों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के साथ शोषणकारी और दमनकारी रवैया अपनाया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर मजदूरों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो सुरदा माइंस में व्यापक स्तर पर ‘हुडका जाम’ आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की होगी।


मजदूरों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में कार्यस्थल पर बुनियादी सुविधाओं की बहाली और श्रम कानूनों के अनुरूप लाभ देने की मांग की गई है। प्रमुख मांगों में कैंटीन और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, यूनिफॉर्म एवं ड्रेसिंग रूम, मेडिकल डिस्पेंसरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, समय पर वेतन भुगतान तथा एचआरए, कन्वेयंस, डीए, वॉशिंग अलाउंस, अंडरग्राउंड और नाइट शिफ्ट भत्ता शामिल हैं।

इसके अलावा राष्ट्रीय अवकाश, अर्जित अवकाश (ईएल), आकस्मिक अवकाश (सीएल), सिकल लीव और फेस्टिवल लीव की सुविधा, पीएफ, बोनस, ईएसआई एवं बीमा लागू करने की मांग भी उठाई गई है। मजदूरों ने ड्यूटी के दौरान दुर्घटना या मृत्यु होने पर उचित मुआवजा और आश्रित को नौकरी देने, आवागमन के दौरान दुर्घटना होने पर चिकित्सा खर्च वहन करने, ज्वाइनिंग लेटर में वेतन संरचना स्पष्ट करने, पहचान पत्र जारी करने तथा 60 वर्ष तक सेवा अवधि सुनिश्चित करने की भी मांग की है।


बैठक में मौजूद मजदूरों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए अपने अधिकारों की लड़ाई को निर्णायक रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।

सुरदा माइंस क्षेत्र में मजदूरों के बढ़ते असंतोष और आंदोलन की चेतावनी के बाद अब सबकी नजर कंपनी प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा औद्योगिक क्षेत्र की बड़ी श्रमिक लड़ाइयों में शामिल हो सकता है।

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