सार्वजनिक चापाकल पर कब्जे का आरोप, पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

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Manoharpur : मनोहरपुर प्रखंड की मनोहरपुर पूर्व पंचायत अंतर्गत हाथीचैक नाका गांव में सार्वजनिक चापाकल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से आम लोगों के उपयोग में रहे एक सार्वजनिक चापाकल पर स्थानीय निवासी एरियल टोपनो द्वारा कब्जा कर लिया गया है, जिसके कारण गांव के लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, मामले के समाधान के लिए 26 मई 2026 को पंचायत प्रतिनिधियों, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों, प्रखंड प्रशासन के पदाधिकारियों तथा ग्रामीणों की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विवादित चापाकल को पुनः सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराने पर सहमति बनी थी। साथ ही संबंधित विभाग ने दो दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया था।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने विवादित चापाकल को अतिक्रमण मुक्त कराने के बजाय दूसरे स्थान पर स्थित एक पुराने चापाकल की मरम्मत करा दी। उनका कहना है कि उस चापाकल का पानी पीने योग्य नहीं है, जिससे गांव की पेयजल समस्या का समाधान नहीं हो सका और स्थिति पूर्ववत बनी हुई है।

समस्या के निराकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के नाम आवेदन सौंपा है। आवेदन प्रखंड अंचल अधिकारी (सीओ) प्रदीप कुमार को सौंपते हुए ग्रामीणों ने विवादित सार्वजनिक चापाकल को सरकारी नियंत्रण में लेकर आम उपयोग के लिए उपलब्ध कराने तथा गांव में स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल प्रत्येक नागरिक का मूलभूत अधिकार है। ऐसे में प्रशासन को मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।

इस संबंध में ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक जनआंदोलन करने को बाध्य होंगे। मौके पर संदीप गुड़िया, अरविंद यादव, निरंजन बारला, नूरी बेगम, फातिया परवीन, बिमल तिर्की समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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