गृह रक्षकों को पीएफ और सेवानिवृत्ति लाभ देने की मांग तेज, मुख्यमंत्री को भेजा गया स्मारपत्र

SHARE:

Jamshedpur : झारखंड राज्य के गृह रक्षकों को भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी एवं सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। गृहरक्षा वाहिनी लोक सेवक संघ की प्रदेश समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त स्मारपत्र भेजकर इस मामले में न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है। स्मारपत्र की प्रतिलिपि राज्य के मुख्य सचिव एवं गृह सचिव को भी प्रेषित की गई है।

प्रदेश संगठन सचिव दिनेश कुमार यादव, संजय कुमार सिंह एवं प्रवक्ता कमल कुमार शर्मा के संयुक्त हस्ताक्षर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राज्य के गृह रक्षकों को अब तक भविष्य निधि और सेवानिवृत्ति लाभों से वंचित रखा गया है, जबकि इस संबंध में झारखंड हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पष्ट आदेश दिए जा चुके हैं।

स्मारपत्र में कहा गया है कि न्यायालयों ने छुट्टी, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराने को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इसके बावजूद राज्य के गृह रक्षकों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।



जानकारी के अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता पंकज कुमार वर्णवाल ने वर्ष 2017 में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। उस दौरान ईपीएफओ द्वारा कॉन्ट्रैक्ट बेसिस कर्मचारियों एवं होमगार्ड जवानों को भविष्य निधि का लाभ देने की दिशा में पहल की गई थी।

बताया गया कि नवंबर 2017 में ईपीएफओ अधिकारियों और होमगार्ड विभाग के पदाधिकारियों के बीच बैठक भी हुई थी, जिसमें गृह रक्षकों को सामाजिक सुरक्षा लाभ देने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद आज तक होमगार्ड जवानों को पीएफ एवं अन्य लाभ नहीं मिल सके हैं।



इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता पंकज कुमार वर्णवाल द्वारा WPC/PIL 6285/2023 के तहत झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई है। मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।

स्मारपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि झारखंड गृहरक्षा वाहिनी मुख्यालय, रांची द्वारा पत्रांक 1616/OTD दिनांक 14 अगस्त 2024 के माध्यम से राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों को गृह रक्षकों को भविष्य निधि एवं सेवानिवृत्ति लाभ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था।


गृह रक्षकों की मांग सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई विधायकों द्वारा विधानसभा सत्र के शून्यकाल में भी उठाई जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने पर संघ ने नाराजगी जताई है।

संगठन का आरोप है कि मामले को गंभीरता से लेने के बजाय लगातार ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास किया जा रहा है। संघ ने मुख्यमंत्री से गृह रक्षकों के हित में शीघ्र निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि राज्य के हजारों गृह रक्षकों को भविष्य निधि, ग्रेच्युटी एवं सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।

Leave a Comment