Jamshedpur : जादूगोड़ा–टाटा मुख्य मार्ग पर गोड़ाडीह के समीप निर्माणाधीन पुलिया राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। इस समस्या को लेकर पोटका के पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल ने जिला उपायुक्त को लिखित शिकायत सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
बताया गया है कि स्वर्णरेखा परियोजना के तहत निर्मित यह पुलिया पिछले 2–3 वर्षों से अधूरी पड़ी है। पुलिया की ऊंचाई अधिक होने के बावजूद दोनों ओर का पहुंच पथ असंतुलित है। नारवा की ओर चढ़ने वाला रास्ता उबड़-खाबड़ है और वहां पीसीसी ढलाई नहीं की गई है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। दूसरी ओर उतरने वाले मार्ग पर पीसीसी कार्य किया गया है, जो निर्माण की खामियों को उजागर करता है।
पुलिया के दोनों ओर सुरक्षा दीवार (गार्ड वॉल) का अभाव है। नारवा की दिशा में वर्षा जल के तेज बहाव से सड़क किनारे गहरी खाई बन गई है और लगातार कटाव हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बरसात से पहले निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ, तो पहुंच पथ के पुलिया से अलग होने का खतरा बढ़ जाएगा।

बीते महीने एक टाटा मैजिक वाहन पुलिया पर चढ़ते समय असंतुलित होकर पलट गया था, जिसमें कई यात्री घायल हुए थे। यह घटना इस मार्ग की खतरनाक स्थिति को दर्शाती है।
यह सड़क जादूगोड़ा और नारवा स्थित यूरेनियम माइंस को जोड़ने वाला अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां दोपहिया, चारपहिया, भारी वाहन, बस और एंबुलेंस का लगातार आवागमन होता है। ऐसे में अधूरी पुलिया और जर्जर पहुंच पथ दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया पर धूल का गुबार इतना अधिक रहता है कि उन्हें खुद पानी डालकर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात से पहले पुलिया का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए, सुरक्षा दीवार बनाई जाए और पहुंच पथ को मजबूत किया जाए, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके। वहीं, करुणामय मंडल ने जल्द ही नए उपायुक्त से मिलकर इस समस्या को दोबारा उठाने की बात कही है।











