Rajnagar chc death : भाजपा का धरना, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

SHARE:

Adityapur : राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान मोबाइल की रोशनी में इलाज के बीच महिला विनीता बानरा और उनके नवजात शिशु की मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान के नेतृत्व में अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन कर स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ जोरदार विरोध जताया।

“स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर”

धरना स्थल पर मौजूद प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद Geeta Koda ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “21वीं सदी में बिजली बैकअप के अभाव में दो जिंदगियों का जाना बेहद शर्मनाक है। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था खुद वेंटिलेटर पर है। स्वास्थ्य मंत्री केवल दिखावा कर रहे हैं, जमीनी हकीकत शून्य है।”

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने में जुटा है। जिलाध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह विफल बताया।



भाजपा की प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान भाजपा ने तीन मुख्य मांगें रखीं—

दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए

पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए

मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए


प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं ने अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और जल्द कार्रवाई की मांग की।

धरना-प्रदर्शन में पूर्व विधायक अनंत राम टुडू, जिला महामंत्री राकेश मिश्रा, सूर्या देवी, भुवनेश्वर महतो, बलदेव मंडल, मनसा लोहार, उज्ज्वल मोदक, सुखदेव गौड़, मुरली प्रधान, बीजू दत्ता, साधन महतो, माईकल महतो, पिंकी मोदक सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।

यह मामला अब प्रशासन और सरकार दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, जहां जनता स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।

Leave a Comment

और पढ़ें