Jamshedpur : लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने पूर्वी सिंहभूम में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। पार्टी ने 28 वर्षीय युवा नेता विक्टर सोरेन को जिला अध्यक्ष नियुक्त कर स्पष्ट संकेत दिया है कि अब संगठन में युवा नेतृत्व को प्राथमिकता दी जाएगी।
केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय के हस्ताक्षर से जारी नियुक्ति पत्र के साथ इस निर्णय को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किया गया। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि पार्टी की भविष्य की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें युवा और ऊर्जावान नेतृत्व को आगे लाने पर जोर दिया जा रहा है।
केंद्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई में झामुमो लगातार संगठन को मजबूत करने के लिए नए प्रयोग कर रहा है। विक्टर सोरेन की नियुक्ति को उसी कड़ी में एक अहम कदम माना जा रहा है।
1997 में जन्मे विक्टर सोरेन ने कम उम्र में ही संगठनात्मक राजनीति में अपनी सक्रियता दर्ज कराई। दिवंगत विधायक रामदास सोरेन के सानिध्य में उन्होंने राजनीतिक समझ और रणनीति की बारीकियां सीखी। महज 21 वर्ष की उम्र में युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष बनने के बाद से ही वे संगठन में एक उभरते चेहरे के रूप में देखे जाते रहे हैं।
उनकी पहचान एक सुलझे हुए, शांत और जमीनी नेता के रूप में रही है, जिनकी संगठन पर मजबूत पकड़ मानी जाती है। उनके नेतृत्व में नई जिला कमिटी का भी गठन किया गया है, जिसमें सागेन पूर्ति, प्रणव महतो, ललित मांझी और विद्यासागर दास को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
रतन महतो को सचिव, चन्द्रशेखर टुडू और नसीर खान को संगठन सचिव, जबकि मो. जलील और माणिक मल्लिक को सह सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोषाध्यक्ष पद पर कालीपदो गोराई को नियुक्त किया गया है।
नई टीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और युवाओं को पार्टी से जोड़ना होगा। राजनीतिक हलकों में इस फैसले को नई ऊर्जा और बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में पूर्वी सिंहभूम की राजनीति पर असर डाल सकता है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद जताई है।











