Guwa : मजदूर दिवस के अवसर पर सीटू कार्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित कर श्रमिकों के अधिकार, एकता और संघर्ष पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत केक काटकर की गई, जिसके बाद वक्ताओं ने मजदूर आंदोलन के इतिहास और वर्तमान चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सीटू के महामंत्री रमेश गोप ने कहा कि मजदूर दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि संघर्ष और बलिदान की याद दिलाने वाला ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने बताया कि 1 मई उन मजदूरों की कुर्बानियों का प्रतीक है, जिन्होंने 8 घंटे कार्य दिवस, उचित वेतन और सुरक्षा जैसे अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि आज श्रमिकों को जो अधिकार प्राप्त हैं, वे वर्षों के संघर्ष और त्याग का परिणाम हैं। मजदूरों की एकता, जागरूकता और संघर्ष ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। सीटू हमेशा श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है और आगे भी रहेगा।
रमेश गोप ने देश की अर्थव्यवस्था में मजदूरों की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि मजदूर देश की रीढ़ हैं। उनके परिश्रम से निकलने वाले खनिज संसाधन उद्योगों और रेलवे के माध्यम से देश की आर्थिक प्रगति को गति देते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित मजदूरों ने एकजुटता का संकल्प लेते हुए अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का भरोसा जताया।
इस अवसर पर मलय पाणीग्राही, राकेश चक्रवर्ती, विजय बेहरा, आर. मंजूनाथ, राजेश यादव, अनिल कुमार, अमित कुमार गुप्ता, राजेंद्र पृष्टी, विशाल घोघरा, उपल सोय, दीप कुमार पान, एमडी अख्तर, सुजीत नायक, शिवशंकर रॉय, विजेंदर केसरी, संजय पृष्टी, हेमलता देवी सहित बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित थे।











