Adityapur : नगर निगम क्षेत्र में स्थित एकमात्र खेल मैदान को बचाने की मांग अब बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप लेती जा रही है। नगर निगम द्वारा उक्त मैदान पर भवन निर्माण की योजना के विरोध में जागृति मैदान में पार्षदों और स्थानीय निवासियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी नाराजगी जताई।
स्थानीय पार्षद रिंकी कुमारी, अर्चना सिंह समेत कई जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह मैदान न केवल उनके वार्ड बल्कि आसपास के कई वार्डों के बच्चों के लिए खेल का एकमात्र स्थान है। निगम द्वारा यहां प्रशासनिक भवन बनाने की योजना का सभी स्तर पर विरोध किया जा रहा है। पार्षदों ने स्पष्ट कहा कि मैदान समाप्त होने से बच्चों के शारीरिक विकास और मानसिक संतुलन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भी समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के खेल मैदान पर किसी भी तरह का निर्माण स्वीकार्य नहीं होगा और इसे हर हाल में बचाया जाएगा।

पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम के पास भवन निर्माण के लिए अन्य वैकल्पिक जमीनें उपलब्ध हैं, इसके बावजूद खेल मैदान को ही चुना जा रहा है। आदित्यपुर जैसे घनी आबादी वाले औद्योगिक क्षेत्र में ऐसे खुले मैदान पर्यावरण और सामाजिक संतुलन के लिए बेहद जरूरी हैं।
विरोध को अब संगठित रूप दिया जा रहा है। विभिन्न वार्डों के नागरिकों को जोड़कर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है। रिंकी कुमारी और मनमोहन सिंह के नेतृत्व में पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि योजना वापस नहीं ली गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहरी विकास के नाम पर बच्चों के खेल और खुले स्थानों को खत्म करना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की है कि पहले खेल मैदान का विकल्प उपलब्ध कराया जाए, उसके बाद ही किसी निर्माण की योजना बनाई जाए।










