Adityapur : नीमडीह प्रखंड के लुपुंगडीह पंचायत अंतर्गत पितकी गांव में रविवार को प्रकृति के महापर्व सरहुल को श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाया गया। पूरे गांव में उत्सव का माहौल रहा और लोगों ने प्रकृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
पर्व के अवसर पर गांव के लाया (पुजारी) तरणि सिंह ने साल फूल के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की और गांव की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं अच्छी फसल की कामना की। पूजा के दौरान पारंपरिक मान्यताओं का पालन करते हुए प्रकृति की आराधना की गई।
इस मौके पर ग्राम प्रधान गौरी शंकर सिंह सरदार ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सरहुल पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति पूजा का प्रतीक है, जिसमें अच्छी फसल, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। सरहुल आदिवासी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लोगों को प्रकृति से जुड़ने का संदेश देता है।
पर्व के दौरान ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली और सभी ने मिलकर पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया। इस अवसर पर निरंजन सिंह सरदार, चंद्र भूषण सिंह सरदार, क्षेत्रमोहन सिंह सरदार, देवेंद्र नाथ सिंह सरदार, अशोक सिंह, श्यामसुंदर सिंह, गोलोक सिंह सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।










