Adityapur : झारखंड की सांस्कृतिक नगरी सरायकेला के पारलपोसी, इन्द्रटांडी, हंसाहुड़ी, राजबांध, नोरोडीह तथा राजनगर के बुरुडीह सहित आसपास के गांवों में चैत्र पर्व की आहट के साथ ‘मंगला घट’ अनुष्ठान का भव्य आयोजन हुआ। इस पारंपरिक अनुष्ठान में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लेकर गहरी आस्था और श्रद्धा का परिचय दिया।
दोपहर बाद से ही स्थानीय नदी-तालाबों के घाटों पर व्रती महिलाओं की भीड़ उमड़ने लगी। पवित्र स्नान के बाद महिलाओं ने मां मंगला की पूजा-अर्चना कर जल से भरा घट (कलश) सिर पर उठाया और पूरे विधि-विधान के साथ अनुष्ठान की शुरुआत की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं की भक्ति और अनुशासन ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
इस आयोजन की खास विशेषता ग्रामीणों द्वारा रास्तों और आंगनों को गोबर से लीपकर पवित्र करना रहा। जगह-जगह बनाए गए गोलाकार घेरे मां मंगला के आसन के रूप में सजाए गए, जहां श्रद्धालु रुककर धूप-दीप के साथ पूजा करते नजर आए। मान्यता है कि इससे मां प्रसन्न होकर गांव में सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
मां मंगला को शक्ति का स्वरूप मानते हुए प्राचीन परंपरा के अनुसार बत्तख, मुर्गा और कबूतर की बलि भी अर्पित की गई। मंदिर परिसरों और चिन्हित स्थलों पर श्रद्धालुओं ने पूजा कर अपने परिवार और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
शाम होते-होते पूरा इलाका जयकारों, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद से गूंज उठा। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं की गहराई को भी उजागर करता नजर आया।









