डीएसी नंबर के बावजूद घंटों लाइन में उपभोक्ता, गोलमुरी जसवाल गैस एजेंसी पर जांच की मांग

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Jamshedpur : एक ओर केंद्र सरकार आम जनता को सुगम गैस आपूर्ति और समयबद्ध होम डिलीवरी का दावा कर रही है, वहीं गोलमुरी स्थित जसवाल गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डीएसी नंबर मिलने के बावजूद लोगों को घंटों लंबी कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

मंगलवार की सुबह गोलमुरी गैस कार्यालय के बाहर सुबह 7 बजे से ही सैकड़ों महिला और पुरुष लाइन में लग गए। तेज धूप और उमस के बीच घंटों इंतजार करने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की स्थिति बन गई। सड़क किनारे लगी लंबी कतार के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रही।

उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले डीएसी नंबर जारी होने के बाद गैस सिलेंडर घर तक पहुंचा दिया जाता था, लेकिन अब उन्हें अपना कामकाज छोड़कर एजेंसी कार्यालय के बाहर लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि नंबर आने के बावजूद कई-कई घंटे धूप में खड़े रहने के बाद भी गैस मिलने की कोई गारंटी नहीं है।

कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि जब वे गोदाम तक पहुंचते हैं तो कर्मचारियों द्वारा “गैस खत्म” होने की बात कह दी जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले 15 दिनों से कई घरों में गैस उपलब्ध नहीं है। लोग रोजाना गैस वाहन का इंतजार करते हैं, लेकिन बाद में जानकारी मिलती है कि डीएसी नंबर मिलने के बावजूद लाइन में लगकर एंट्री कराना अनिवार्य है।

इस व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है। लोगों ने सवाल उठाया कि मार्च महीने में एजेंसी को कुल कितनी गैस आपूर्ति हुई, कितने उपभोक्ताओं के बीच वितरण किया गया और वर्तमान में गोदाम में कितना स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

उपभोक्ताओं का कहना है कि शहर की अन्य गैस एजेंसियों में डीएसी नंबर मिलने के बाद नियमित रूप से होम डिलीवरी की जा रही है, जबकि गोलमुरी स्थित जसवाल गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं को लाइन में लगकर एंट्री करनी पड़ रही है।

स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित उपभोक्ताओं ने काउंटर पर हंगामा किया। उनका कहना था कि घर में गैस समाप्त हो चुकी है और घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है, ऐसे में वे आखिर जाएं तो कहां जाएं। मौके पर एजेंसी प्रबंधन के प्रति लोगों में गहरी नाराजगी देखी गई।

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