Seraikela:झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और विश्व प्रसिद्ध सरायकेला छऊ नृत्य अब राष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है। मंगलवार को मुंबई से आई एक विशेष प्रोडक्शन टीम ने सरायकेला स्थित राजकीय कला केंद्र परिसर में छऊ नृत्य के मनमोहक दृश्यों का फिल्मांकन किया।
प्रोडक्शन टीम में प्रोजेक्ट हेड शत्रुघन सिंह, निदेशक प्रितम भोईर, सहायक वालिया के अलावा कैमरामैन सचिन गोडसे, जितु यादव, अक्षय और रितिक राज शामिल थे। टीम ने छऊ नृत्य की बारीकियों और इसकी पारंपरिक खूबसूरती को हाई-क्वालिटी तकनीक के जरिए कैमरे में कैद किया।
शूटिंग के दौरान स्थानीय कलाकारों ने राधा-कृष्ण थीम पर आधारित छऊ नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। पारंपरिक वेशभूषा और विशिष्ट मुखौटों से सुसज्जित कलाकारों ने अपनी सजीव भाव-भंगिमाओं और तेज गतियों से उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस प्रस्तुति में छऊ नृत्य की खास पहचान—मार्शल आर्ट और लोक कला का अनूठा संगम—स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
इस मौके पर राजकीय कला केंद्र के समन्वयक सुदीप कवि, प्रख्यात गुरु ब्रजेंद्र पट्टनायक तथा आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महांती विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी देखरेख में शूटिंग संपन्न हुई, जिससे छऊ नृत्य की मौलिकता और पारंपरिक स्वरूप को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सका।
प्रोजेक्ट हेड शत्रुघन सिंह ने बताया कि फिल्माए गए दृश्यों को अत्याधुनिक वीएचएक्स तकनीक से तैयार किया जाएगा और जल्द ही एमटीवी पर प्रसारित किया जाएगा। इससे न केवल सरायकेला छऊ नृत्य को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी, बल्कि झारखंड की कला और संस्कृति को वैश्विक मंच पर नई पहचान भी मिलेगी।
इस पहल से स्थानीय कलाकारों में उत्साह का माहौल है और उन्हें अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है।









