Ranchi:देश में तेजी से बढ़ रहे गिग और प्लेटफॉर्म आधारित रोजगार के बीच कामगारों के अधिकारों की लड़ाई को संगठित रूप देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। बुधवार देर रात ऑल इंडिया गिग एंड प्लेटफार्म वर्कर्स फेडरेशन के गठन की घोषणा की गई, जिसका नेतृत्व इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जी संजीवा रेड्डी को सौंपा गया है।
इस नए फेडरेशन का उद्देश्य देशभर में कार्यरत गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स को एक मंच पर लाना, उनके अधिकारों के लिए संघर्ष को मजबूत करना और उन्हें संगठित कर ट्रेड यूनियन ढांचे से जोड़ना है। बढ़ती असंगठित श्रम व्यवस्था के बीच यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फेडरेशन की कार्यकारिणी में इंटक के राष्ट्रीय वरीय सचिव संजय गाबा को महामंत्री तथा झारखंड गिग एंड प्लेटफार्म वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शैलेश पांडेय को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के इंटक पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं को भी संगठन में जिम्मेदारी दी गई है।
गौरतलब है कि देश में वर्तमान समय में करीब 1.23 करोड़ से अधिक लोग गिग और प्लेटफॉर्म सेक्टर में कार्यरत हैं, लेकिन सामाजिक सुरक्षा के मामले में स्थिति बेहद चिंताजनक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, केवल 7.8 लाख कामगार ही किसी बीमा पॉलिसी से जुड़े हैं, जबकि हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ मात्र 1.83 लाख लोगों तक सीमित है। इसके अलावा न्यूनतम मजदूरी को लेकर भी कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है।
इन आंकड़ों ने न केवल श्रमिकों की स्थिति को उजागर किया है, बल्कि सरकार की नीतियों और संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े किए हैं। फेडरेशन ने साफ किया है कि वह इन सभी मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आवाज बुलंद करेगा और गिग वर्कर्स को उनका हक दिलाने के लिए व्यापक आंदोलन चलाएगा।
नए संगठन के गठन से उम्मीद की जा रही है कि देश के लाखों गिग वर्कर्स को एक सशक्त मंच मिलेगा, जो उनकी समस्याओं को नीति-निर्माण के केंद्र तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।









