पश्चिमी सिंहभूम में डायन प्रथा के खिलाफ जागरूकता अभियान, सरेंगबिल पंचायत में नुक्कड़ नाटक

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Chaibasa:सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, पश्चिमी सिंहभूम के तत्वावधान में डायन प्रथा के खिलाफ जनजागरण को लेकर सृजन भारती नाटक टीम द्वारा लगातार नुक्कड़ नाटक अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में तांतनगर प्रखंड के सरेंगबिल पंचायत अंतर्गत किती बासा गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

ज्ञात हो कि हाल के दिनों में इसी क्षेत्र में एक महिला को डायन बताकर धमकाने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया था। घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता को महसूस किया और ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।

नाटक के माध्यम से कलाकारों ने अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों और डायन प्रथा जैसी अमानवीय सोच के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से दर्शाया। संवाद और गीत-संगीत के जरिए यह संदेश दिया गया कि किसी भी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना न केवल सामाजिक अपराध है, बल्कि कानूनी रूप से दंडनीय भी है।

कार्यक्रम में तांतनगर ओपी के पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे और ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या अंधविश्वास में न पड़ें। यदि कहीं भी ऐसी घटना की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचित करें।

इस अवसर पर सृजन भारती के कलाकार शिवलाल शर्मा, विक्रम कुमार झा, अशोक सरदार, बीना सरदार, सुष्मिता सुंडी, राहुल झा, शूरू सरदार और करीना कर्मकार ने अपनी प्रस्तुति से लोगों को जागरूक किया। ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प लिया।

प्रशासन का मानना है कि जागरूकता ही ऐसी कुप्रथाओं को जड़ से खत्म करने का सबसे प्रभावी माध्यम है, और इसी उद्देश्य से यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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