Guwa:बड़ाजामदा स्थित सत्संग विहार में श्री श्री अनुकूल चंद्र जी का 138वां जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में भव्य रूप से मनाया गया। इस पावन अवसर पर आयोजित विशाल सत्संग में गुवा, नोवामुंडी, बड़ाजामदा, बोलानी, टाटानगर, चाईबासा सहित आसपास के क्षेत्रों से लगभग 1500 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए।
पूरे सत्संग विहार परिसर में “जय गुरु श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र”, “श्री श्री बडमॉ”, “श्री श्री बडदा” एवं “श्री श्री आचार्य देव” के जयघोष से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं की एकाग्रता और अनुशासन ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगी एवं मुख्य वक्ता मानस मिश्रा ने कहा कि श्री श्री अनुकूल चंद्र जी का जीवन और दर्शन मानव जीवन को संतुलित एवं कल्याणकारी दिशा देने वाला है। उन्होंने इष्ट वृत्ति को महायज्ञ की संज्ञा देते हुए कहा कि नियमित इष्ट वृत्ति से जीवन में स्थायित्व, सेवा भाव और सामाजिक समरसता आती है। उन्होंने सत्संग को एक जीवंत शोध बताते हुए सभी से इससे जुड़ने और पड़ोसी के सुख-दुख में सहभागी बनने का आह्वान किया।
बड़ाजामदा के वक्ता ऋत्विक अमरनाथ ठाकुर ने कहा कि प्रभु लीला का दर्शन अनंत जन्मों के पुण्य का फल होता है। उन्होंने ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के विचारों के अनुरूप पारिवारिक जीवन, वंश वृद्धि और मानव जीवन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि नोवामुंडी इंटर कॉलेज के प्राचार्य ने ठाकुर जी द्वारा बताए गए सेवा, त्वरित सहयोग और जनकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान दीक्षा, भजन-कीर्तन, धर्मसभा, मातृ सम्मेलन एवं भंडारे का आयोजन किया गया। संगीत मंडली के नेतृत्व में श्रद्धालु नाचते-गाते भक्ति में लीन नजर आए। बोलानी, बड़बिल, चाईबासा, टाटानगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सत्संगियों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।









