Jamshedpur:स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के पावन संगम पर आयोजित दोमुहानी टुसू मेला में मंगलवार को लोक आस्था, परंपरा और उल्लास का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। मकर संक्रांति के अवसर पर लगे इस ऐतिहासिक मेले में ढोल-मांदर और नगाड़ों की थाप पर लोग झूमते-नाचते नजर आए। चारों ओर रंग-बिरंगे चौड़लों, सजी-धजी टुसू प्रतिमाओं और लोकगीतों की गूंज से पूरा क्षेत्र उत्सवमय हो गया।
सुबह से ही आदिवासी और कुड़मी समुदाय के लोग पारंपरिक वेशभूषा में टुसू प्रतिमा और बड़े-बड़े कलात्मक चौड़ल लेकर संगम तट पहुंचे। देवी टुसू की पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान पारंपरिक टुसू गीत, लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं ने मेले की रौनक को और बढ़ा दिया।
मेले में झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुवा, विधायक सोमेश सोरेन, सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक सरयू राय, कुणाल सारंगी, झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान और राजू गिरी सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
खास आकर्षण तब देखने को मिला जब अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान स्वयं ढोल-नगाड़े बजाते नजर आए और उपस्थित लोगों को मेले की बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि यह टुसू मेला वर्षों से झामुमो के वरिष्ठ नेता मोहन कर्मकार के मार्गदर्शन में आयोजित होता आ रहा है। यह मेला न केवल एक फसल उत्सव है, बल्कि कृषि समाज की समृद्धि, सामूहिक एकता और लोक संस्कृति के संरक्षण का जीवंत प्रतीक भी है।









