Ghatshila:घाटशिला प्रखंड अंतर्गत गालुडीह निवासी भाजपा नेता तारापद महतो की दिनदहाड़े हुई हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका गहराती जा रही है। इस मामले में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने भी संकेत देते हुए पुलिस से सभी संभावित एंगल पर निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
सोमवार की शाम करीब 7:30 बजे गालुडीह के खड़िया कॉलोनी बस स्टैंड चौक स्थित प्रज्ञा केंद्र में घुसकर अपराधियों ने तारापद महतो के सिर पर सटाकर दो गोलियां दाग दीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और आसपास की दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिर गए।
सीसीटीवी फुटेज बना जांच का अहम आधार
पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस फुटेज के जरिए अपराधियों की पहचान में जुटी है। साथ ही स्थानीय मुखबिरों को भी सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस का मानना है कि फुटेज के आधार पर स्थानीय लोगों की मदद से जल्द ही हत्यारों तक पहुंचा जा सकता है।
पहले भी हो चुका था जमीन को लेकर विवाद
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि तारापद महतो का पहले भी जमीन को लेकर विवाद हो चुका था, हालांकि उस समय मामला थाना तक नहीं पहुंचा था। अब आशंका जताई जा रही है कि इसी रंजिश में हत्या की साजिश रची गई हो।
झामुमो भी आया ग्रामीणों के समर्थन में
हालांकि मृतक भाजपा से जुड़े थे, लेकिन इस जघन्य हत्या के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) भी ग्रामीणों के समर्थन में सामने आया है। झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष दुर्गा चरण घटनास्थल पर पहुंचे और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
जमशेदपुर कनेक्शन की भी जांच
मामले में यह तथ्य भी उभरकर सामने आया है कि जिन लोगों से तारापद महतो का जमीन विवाद चल रहा था, वे जमशेदपुर निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस के लिए यह एक अहम कड़ी बन गई है और इसी दिशा में जांच तेज कर दी गई है।
24 घंटे का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
घटना से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। तय समय में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
फिलहाल पुलिस टीम हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है। यह हत्या आपसी रंजिश का नतीजा है या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश छिपी है—इसका खुलासा आने वाले दिनों में होने की उम्मीद है।









