लक्ष्मीनगर में गूंजा मजदूर एकता का स्वर, मई दिवस पर श्रमिक अधिकारों को लेकर पारित हुए अहम प्रस्ताव

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Jamshedpur : लौहनगरी जमशेदपुर के लक्ष्मीनगर स्थित फुटबॉल मैदान में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिक एकजुटता और अधिकारों की मांग का सशक्त प्रदर्शन देखने को मिला। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन (न्यू) के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत मई दिवस के संघर्ष में शहीद हुए मजदूर नेताओं तथा देश-विदेश में सामाजिक परिवर्तन के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले ज्ञात-अज्ञात सेनानियों की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर की गई।

सभा में श्रमिक हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। वक्ताओं ने पानीपत, नोएडा, गुरुग्राम, मानेसर समेत देश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे मजदूर आंदोलनों के समर्थन में आवाज बुलंद की और हरियाणा व उत्तर प्रदेश सरकार पर दमनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाया। साथ ही, झूठे मुकदमों की वापसी, मजदूरों की बहाली और जिम्मेदार अधिकारियों व प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

छत्तीसगढ़ में अडानी पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट से 17 मजदूरों की मौत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने इसे सुरक्षा मानकों में लापरवाही और बढ़ते कार्यभार का परिणाम बताते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

सभा में आठ घंटे से अधिक कार्य न लेने, अकुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम 30,000 रुपये मासिक वेतन सुनिश्चित करने तथा श्रमिक विरोधी बताए जा रहे चारों लेबर कोड को वापस लेने की मांग भी रखी गई।

अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी सभा ने अपनी राय रखी। वक्ताओं ने अमेरिका-इजराइल गठबंधन द्वारा पश्चिम एशिया में की जा रही सैन्य कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करते हुए इसे वैश्विक शांति के लिए खतरा बताया और सभी देशों की संप्रभुता के सम्मान की बात कही।

इसके अलावा, मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को संविधान और नागरिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सभा ने इसे चुनिंदा समुदायों को मताधिकार से वंचित करने का प्रयास करार दिया। पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए वक्ताओं ने चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।

कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में एआईएफटीयू (न्यू) के अध्यक्ष सुजय राय, नवजनवादी लोक मंच के डॉ. आर.के. सिंह और एआईएफटीयू (न्यू) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य सिया शरण शर्मा प्रमुख रहे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी आयोजन को जीवंत बनाए रखा। काशीनाथ प्रजापति, अशोक शुभदर्शी, शैलेन्द्र अस्थाना, ज्योत्सना अस्थाना, बरुण प्रभात, उदय प्रताप हयात, मंथन, सतीश जी, संजय सोलोमन और देवाशीष मुखर्जी ने अपने प्रस्तुति से मजदूर आंदोलन की भावनाओं को अभिव्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन काशीनाथ प्रजापति और अशोक शुभदर्शी ने संयुक्त रूप से किया, जबकि आम सभा की अध्यक्षता भी काशीनाथ प्रजापति ने की। अंत में मनोहर मंडल उर्फ गांधी जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

मजदूर दिवस के इस आयोजन ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि श्रमिक वर्ग अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को लेकर सजग और संगठित है।

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