आदित्यपुर (सरायकेला-खरसावां)
आदित्यपुर थाना क्षेत्र के हरिओम नगर में पत्रकार अंकित शुभम एवं उनके परिवार पर सुभाष यादव और उसके परिवार के सदस्यों द्वारा सुनियोजित और जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
घटना रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है, जिसमें पत्रकार अंकित शुभम सहित उनके पिता, माता और बहन को गंभीर चोटें आई हैं।
बेटे को बचाने गए पिता को भी पीटा
पीड़ित पत्रकार के पिता ने बताया कि जब हमलावरों ने अंकित शुभम पर हमला किया, तो उन्होंने कई बार बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने पूरे परिवार को घेरकर बेरहमी से पीटा।
इस दौरान आरोपियों ने चारपहिया वाहन से कुचलकर जान से मारने की कोशिश भी की। सौभाग्यवश, आसपास के लोगों की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
सोने की चेन छीनने का भी प्रयास
हमले के बाद आरोपियों द्वारा पत्रकार से सोने की चेन छीनने की कोशिश भी की गई। पीड़ित परिवार ने इसे पूरी तरह से आपराधिक और जानलेवा साजिश बताया है।
पार्किंग विवाद बना बहाना, गुंडागर्दी असली चेहरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुभाष यादव का घर मोहल्ले के अंतिम छोर पर है, जहां वाहन पार्किंग को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी।
इसी बात को लेकर सुभाष यादव ने अपने रिश्तेदार, BSF जवान संजीव कुमार को बुलाया और लाठी-डंडे के साथ घर में घुसकर पत्रकार के पिता, बहन और माता की जमकर पिटाई की।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि
“सुभाष यादव अक्सर मोहल्ले में लोगों से बदतमीजी करता है, रास्ते में खड़ी गाड़ियों को जबरन हटाता है और कई बार पलट भी देता है।”
पुलिस का बयान: आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे
पुलिस ने बताया कि पार्किंग विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई है, जिसमें पत्रकार अंकित शुभम को गंभीर चोटें आई हैं।
उनकी नाक से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिसके बाद उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गम्हरिया लाया गया, जहां से डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया।
आदित्यपुर थाना प्रभारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि
आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। लिखित आवेदन के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।”
मीडिया कवरेज के दौरान भी बदतमीजी
चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना की कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों के साथ भी सुभाष यादव के परिवार द्वारा बदतमीजी की गई, जिससे साफ है कि आरोपी बेखौफ होकर कानून और प्रेस दोनों को चुनौती दे रहे हैं।









