Jamshedpur:जमशेदपुर के जोजोबेरा क्षेत्र में नुवको विस्तास सीमेंट कंपनी और टाटा पावर से फैल रहे प्रदूषण तथा उससे जुड़ी जनसमस्याओं को लेकर सामाजिक सेवा संघ ने झारखंड सरकार के परिवहन सह भू-राजस्व मंत्री श्री दीपक बिरुवा को जमशेदपुर परिसदन में एक विस्तृत आवेदन सौंपा। आवेदन में ग्रामीण इलाकों में हो रहे पर्यावरणीय नुकसान, स्वास्थ्य संकट और सामाजिक-आर्थिक उपेक्षा की गंभीर तस्वीर रखी गई।
संघ की ओर से बताया गया कि कंपनियों से निकलने वाला फ्लाई ऐश और सीमेंट डस्ट नालों के माध्यम से बहकर गद्डा, तुपुडांग, गोविन्दपुर और डोमजूरी जैसे गांवों की उपजाऊ कृषि भूमि को बंजर बना रहा है। खेतों में फसल उगाना मुश्किल होता जा रहा है, जिससे किसान आजीविका संकट से जूझ रहे हैं।
जोजोबेरा के पार्वती नगर बस्ती सहित भोलाबगान, सुंदरहातु, राहरगोड़ा, बारीगोड़ा, जेमको, सरजमदा और सोपोडेरा जैसे क्षेत्रों में सालभर सीमेंट डस्ट की परत घरों की छतों पर जम जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जेमको फ्लाई ऐश प्वाइंट से उड़ने वाली धूल और खुले में फेंका गया कचरा गंभीर वायु प्रदूषण का कारण बन रहा है, जिससे सांस और त्वचा से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया कि नुवको कंपनी की भारी गाड़ियां जेमको तक सड़क के दोनों ओर खड़ी रहती हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कंपनी के फ्रंट गेट के सामने बने बड़े गड्ढों और कीचड़ के कारण आम जनता को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्थानीय रोजगार के मुद्दे पर संघ ने कहा कि कंपनी में बाहरी ठेकेदारों और मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि स्थानीय युवाओं और ठेकेदारों को नजरअंदाज किया जाता है। इसके अलावा ठेकेदारों द्वारा मजदूरों से ऐसे फॉर्म पर साइन कराए जाने का आरोप भी लगाया गया, जिनमें दुर्घटना की स्थिति में मुआवजे से संबंधित शर्तें एकतरफा हैं। संघ ने इन फॉर्मों में तत्काल बदलाव की मांग की है।
सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि कंपनी से सटे तीन किलोमीटर के दायरे में रहने वाले ग्रामीणों को चिकित्सा, शिक्षा, स्वच्छ पानी, साफ-सफाई और बिजली जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। सामाजिक सेवा संघ ने मंत्री से इन सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान झामुमो नेता सागेन पूर्ती, सामाजिक सेवा संघ के अध्यक्ष राजेश सामंत, झारखंड आंदोलनकारी जेना जामुदा, मुखिया शिवलाल लोहारा सहित रूपम सिंह, जीरा पूर्ति, लक्ष्मी, सरिता, जितेंद्र ठाकुर, छोटे सरदार, सोनू श्रीवास्तव, मधु कुंकल और सोना रानी हेंब्रम मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार इस गंभीर मामले में त्वरित हस्तक्षेप करेगी।









