Jamshedpur : सबल सेंटर, साकची में सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (CHO) के तृतीय बैच का कुष्ठ रोग प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो एवं खगेन दासगुप्ता ने प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को कुष्ठ रोग के लक्षण, प्रकार, उपचार, रिएक्शन मैनेजमेंट, सेल्फ केयर, एमडीटी (Multi Drug Therapy) की नवीन उपचार पद्धति तथा रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धाउड़िया ने बताया कि एमडीटी दवा के नियमित सेवन से कुष्ठ रोग का पूर्ण उपचार संभव है। कुष्ठ रोग मुख्यतः ड्रॉपलेट इन्फेक्शन से फैलता है और यह तंत्रिका तंत्र, आंख, हाथ व पैर को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। समय पर इलाज नहीं होने पर मरीजों में विकलांगता की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए प्रारंभिक लक्षणों की पहचान कर मरीजों को शीघ्र खोजकर उपचार सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि निम्न में से एक या अधिक लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करानी चाहिए—
त्वचा पर बदरंग दाग, जिनमें पूर्ण या आंशिक सुन्नपन
चेहरे का चमकदार या तैलीय दिखना
त्वचा पर गांठें, कान के किनारों पर मोटापन
चेहरे पर मटर के आकार की गांठ
आंखों का पूरा बंद न होना या आंखों से पानी आना
भौंहों का झड़ना, नाक का दब जाना
कोहनी या घुटनों में दर्द/झुनझुनी
ठंडा-गर्म महसूस न होना
हथेलियों में सुन्नपन
वस्तु पकड़ने या उठाने में कठिनाई
कपड़ों के बटन लगाने में परेशानी
हाथ की उंगलियों या पैर के अंगूठे में झुनझुनी
हाथ-पांव में दर्दरहित घाव या जलन
उंगलियों का मुड़ जाना
चलते समय चप्पल का अपने आप निकल जाना
पंजा ऊपर न उठा पाना या कलाई का झूल जाना
उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग को छुपाएं नहीं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं, जहां जांच और दवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला कुष्ठ निवारण कार्यालय के प्रधान लिपिक ऋषिकेश गिरि, तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम से कुंदन कुमार, सबल सेंटर से सौमेन साहा, टेनिक महतो, अनीता दास, त्रिलोचन जी तथा संजय मुंडा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।









