सरायकेला समाहरणालय में राजस्व संग्रहण की गहन समीक्षा

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Seraikela:जिले की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने के उद्देश्य से गुरुवार को सरायकेला समाहरणालय सभागार में राजस्व संग्रहण, म्यूटेशन एवं उत्तराधिकार से जुड़े कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार ने की। इसमें अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और सभी अंचलाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में विभागवार राजस्व संग्रहण की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की गई। निर्धारित वार्षिक एवं मासिक लक्ष्यों के मुकाबले प्राप्ति का क्रमवार विश्लेषण करते हुए अपर उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण जिले के समग्र विकास के लिए अनिवार्य है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

वाणिज्य कर विभाग को अपने अंचल क्षेत्र में सभी कर योग्य प्रतिष्ठानों का अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करने और जीएसटी राजस्व संग्रहण में ठोस सुधार लाने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग को स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने को कहा गया, वहीं खनन विभाग को अवैध खनन एवं अवैध परिवहन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

निबंधन कार्यालय को लक्ष्य के अनुरूप निबंधन शुल्क संग्रहण सुनिश्चित करने, मत्स्य विभाग को जिले के शत-प्रतिशत तालाबों की बंदोबस्ती कर मछली उत्पादन बढ़ाने तथा उत्पाद विभाग को अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ नियमित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

नगर निकायों को शहरी क्षेत्रों में ऐसे आधारभूत ढांचे विकसित करने पर जोर दिया गया जिससे नागरिक सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ राजस्व संग्रहण भी बढ़ सके। विद्युत आपूर्ति विभाग को औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में नियमित निरीक्षण कर बिजली चोरी, अनधिकृत कनेक्शन और अन्य अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश मिला।

राजस्व एवं अंचल कार्यालयों की समीक्षा के दौरान ऑनलाइन म्यूटेशन से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष बल दिया गया। अपर उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। म्यूटेशन, सीमांकन और लगान से जुड़े मामलों में अंचलाधिकारी स्वयं सक्रिय भूमिका निभाते हुए निर्णय लें।

भूमि सुधार उपसमाहर्ता और अनुमंडल पदाधिकारी को राजस्व मामलों की नियमित समीक्षा, सतत निगरानी और पारदर्शी एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। परिशोधन, सीमांकन एवं लगान से जुड़े लंबित मामलों के लिए तिथि निर्धारित कर आवेदकों को पूर्व सूचना देने को कहा गया।

समीक्षा के दौरान जिन राजस्व कर्मचारियों की लगान वसूली 30 प्रतिशत से कम पाई गई, उन्हें शोकॉज नोटिस जारी किया गया और कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। ऑनलाइन रेंट कलेक्शन में सुधार तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में रिक्त पदों पर मानकी मुंडा, डाकुआ एवं ग्राम प्रधानों की नियुक्ति आवंटन के आलोक में समयबद्ध रूप से करने और उनके मानदेय का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सरकारी भूमि संरक्षण के लिए सभी अंचलाधिकारियों को कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई करने और सभी सरकारी भूमि पर सूचना बोर्ड लगाने को कहा गया। आय, जाति एवं आवासीय प्रमाणपत्र सहित अन्य प्रमाणपत्रों से जुड़े लंबित मामलों के नियमानुसार समयबद्ध निष्पादन के निर्देश के साथ बैठक का समापन हुआ।

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