विधानसभा में सरयू राय का सवाल– राँची–जमशेदपुर की गंदगी से ‘स्वर्णरेखा’ कितनी बीमार? सरकार ने बताया पूरा हाल

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Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने बुधवार को विधानसभा के अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से राँची और जमशेदपुर के कूड़ा-कचरे व दूषित जल से स्वर्णरेखा नदी को हो रहे प्रदूषण का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। इस पर सरकार ने राँची की हरमू और जुमार नदी, तथा जमशेदपुर की स्वर्णरेखा और खरकई नदियों में प्रदूषण रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की विस्तृत जानकारी सदन में रखी।


सरयू राय का पहला सवाल – क्या दोनों शहरों की गंदगी सीधे स्वर्णरेखा में?

सरकार ने स्वीकार किया कि नदी को प्रदूषित होने से रोकने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) परियोजना चलाई जा रही है। यानी समस्या को देखते हुए उपायों पर काम जारी है।


हरमू नदी पर बने STP बेकार? — सरकार ने बताया स्थिति

सरयू राय के दूसरे सवाल के जवाब में सरकार ने कहा—

हरमू नदी पुनर्जीवन परियोजना का काम 24 फरवरी 2015 को हुए समझौते के तहत शुरू हुआ।

निर्माण कार्य 31 अक्टूबर 2018 को पूरा होने के बाद संवेदक ने 5 वर्षों तक ऑपरेशन और मेंटेनेंस किया।

अब आगे के रखरखाव की प्रक्रिया प्रगति पर है।

रांची के 9 वार्डों के लिए बड़गाईं में 37 MLD का नया STP बनकर तैयार है और कार्यरत है।

ट्रीटमेंट के बाद पानी बड़ा तालाब में भेजा जा रहा है।


जमशेदपुर–मानगो नालों के प्रदूषण नियंत्रण पर सरकार का जवाब

सरयू राय ने पूछा कि क्या जमशेदपुर और मानगो नगरपालिकाओं ने नदी में गिरने वाली नालियों के प्रदूषित बहाव को रोकने का कोई उपाय किया है?

सरकार ने बताया—

मानगो नगर निगम क्षेत्र

स्वर्णरेखा में मिलने वाले 9 नालों की पहचान।

सभी नालों के लिए अलग-अलग STP बनाने की योजना।

इसके लिए DPR तैयार।


जमशेदपुर अक्षेस क्षेत्र

नदी में गिरने वाले 12 नाले चिन्हित।

प्रदूषण रोकने के लिए विभिन्न जगहों पर STP निर्माण की योजना।

प्रथम चरण में 3 नालों के लिए

1.2 MLD क्षमता का STP

I&D (Interception & Diversion)
के निर्माण हेतु निविदा जारी।


परामर्शी द्वारा 44 MLD क्षमता वाले बड़े STP का फाइनल DPR जमा किया जा चुका है।

आगे की कार्रवाई जारी।

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