जगन्नाथपुर कांग्रेस कार्यालय में डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 142वीं जयंती मनाई गई

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Jaghannathpur भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 142वीं जयंती मंगलवार को जगन्नाथपुर कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जगन्नाथपुर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ललित कुमार दोराईबुरु ने की।

जयंती समारोह में वरिष्ठ कांग्रेसी बिपिन लागुरी ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि—

“डॉ. राजेंद्र प्रसाद (जन्म 3 दिसंबर 1884, जीरादेई) भारतीय राजनीति, न्याय और राष्ट्र निर्माण के स्तंभ थे। वे देश के पहले राष्ट्रपति रहे और गांधीजी के सत्याग्रह व असहयोग आंदोलनों से गहराई से जुड़े रहे। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का तीन बार नेतृत्व किया और 1962 में भारत रत्न से सम्मानित हुए।”



उन्होंने बताया कि डॉ. प्रसाद ने कलकत्ता विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया और 1907 में अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी से स्नातकोत्तर किया, जो उनकी शैक्षणिक मेधाशक्ति का प्रमाण था।

जिला कांग्रेस महासचिव आबिद हुसैन, युवा प्रखंड अध्यक्ष सुशील हेस्सा, प्रखंड महासचिव क्रान्ति तिरिया, सरफराज़ आलम, तथा वरिष्ठ कांग्रेसी सोमनाथ सिंकु सहित अन्य वक्ताओं ने भी डॉ. प्रसाद की सादगी, राष्ट्रनिष्ठा और योगदान की चर्चा की।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख नाम रहे—
आबिद हुसैन, आफताब आलम, रंजीत गागराई, रोशन पान, सागर लागुरी, सनातन सिंकु, किंगसन सिंकु, लोकनाथ पान, पप्पू अहमद, संतोष नाग मुंडा, गोपीनाथ कुम्हार, बबलू गोप, गुरा हेस्सा, जगदीश हेस्सा, जग्गू केराई, डबलू भैया, अविनाश लागुरी, धनसिंह लागुरी आदि।

अंत में प्रखंड महासचिव रोशन पान ने सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद ज्ञापन देकर कार्यक्रम का समापन किया।

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